फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो डिग्री तापमान से ठिठुरे लोग, बढ़ने लगी मुसीबत

Sun, 15 Jan 2017 12:03 AM IST
ब्यूरो कैथल
विज्ञापन
अधिकतम तापमान में आई 2 डिग्री की गिरावट - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
पिछले एक सप्ताह से जारी ठंड के प्रकोप के बीच तापमान में लगातार गिरावट जारी है। अब ठंड से जन-जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो चला है। शनिवार को अधिकतम तापमान में आई 2 डिग्री सेल्सियस की कमी के कारण दिन का तापमान और कम हो गया। वहीं रात का तापमान भी पिछले चार दिनों से 2 डिग्री सेल्सियस के आस-पास ही चल रहा है। काम धंधे कम हो गए हैं। सबसे ज्यादा असर सब्जी मंडी पर पड़ा है। सब्जियों की कीमत अभी तक के न्यूनतम स्तर पर चली गई है।
विज्ञापन


शनिवार को अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 2.2 रहा। जिस कारण लोगों को घरों में दुबकना पड़ रहा है। सुबह कुछ निजी स्कूल खुले। जिस कारण बच्चों को स्कूल जाने में काफी दिक्कतें हुईं। सरकारी व निजी अस्पतालों में दाखिल मरीजों की ठंड में मुसीबतें और बढ़ गई हैं। निजी अस्पताल में दाखिल मरीज राजकुमार ने कहा कि कुछ तो बीमारी और अब ठंड ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वहीं महिला संतोष देवी ने कहा कि ठंड के बीच चलना ही मुश्किल हो गया है। वहीं ठंड के चलते बाजार में रौनक लगभग गायब है। दुकानदार पूरा दिन खाली बैठकर अलाव सेंकते नजर आए।

सब्जी मंडी पर व्यापक असर
ठंड के कारण सब्जी उगाने वाले जमींदार अपने खर्चे भी बड़ी ही मुश्किल से पूरा कर पा रहे हैं। सब्जी मंडी में पिछले सीजन की अपेक्षा इस सीजन में दुकानदार को मुनाफा काफी कम हुआ है। सब्जी विक्रेता राजू ने बताया कि इस बार ठंड अधिक होने के कारण काम काफी मंदा है। ठंड के फसल का उत्पादन अधिक हो रहा है। सब्जियों के दामों में काफी गिरावट आने के कारण लोग सीधा जमींदारों से सब्जियां खरीद लेते हैं। जिससे उनका काम काफी प्रभावित हुआ है। 
विज्ञापन

 
आढ़ती राजकुमार ने बताया कि ठंड के कारण सब्जी का उत्पादन काफी अधिक है। ठंड में सब्जी की फसल खराब तो नहीं होती। इस कारण सब्जी के दामों में भारी गिरावट आई है। गोभी 2 से 3 रुपये प्रति किलो थोक में बिक रहा है। जबकि इसका बाजार का रेट 5 रुपये किलो है। इसके अलावा 20 रुपये बिकने वाला टमाटर अब महज 5 रुपये में बिक रहा है। गाजर का 10 रुपये की बजाय 5 रुपये में बिक रहा है। मटर का दाम तो पहले की अपेक्षा अब बिल्कुल गिर गया है। उन्होंने बताया कि जमींदार को मटर के लिए 3 रुपये प्रति किलो तो तुड़वाई देनी होती है। लेकिन इसका थोक मूल्य 6 रुपये है।
 
ठंड ने रुलाया तो महंगाई कम होने से मिली राहत
सब्जी खरीदने आई डोगरा गेट निवासी महिला रीतू ने बताया कि बेशक ठंड जारी हो लेकिन सब्जियों के सस्ता होने से गरीब जनता को काफी राहत मिली है। क्योंकि कुछ समय पहले सब्जियों के दाम इतने बढ़ गए थे कि गरीब जनता को एक समय भी सब्जी बनाने में हिचकिचाहट होती थी। लेकिन अब तीनों समय सब्जियां बनाई जाती है।

अगले दो दिनों में दिन के तापमान में आएगी और गिरावट
शनिवार को अधिकतम तापमान गिरकर 18 से 16 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिक डा. चंद्रशेखर डागर ने बताया कि अगले दो दिनों में दिन के तापमान में दो डिग्री तक और गिरावट आ सकती है। जिसके कारण दिन में ठंडक का प्रकोप और बढ़ेगा।

गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है यह मौसम
किसानों का कहना है कि जितनी अधिक धुंध होगी गेहूं का फुटाव उतना ही अधिक होगा। उनका कहना है कि गेहूं की फसल के लिए धुंध का होना बहुत ही जरूरी है। धुंध के समय पानी की जो बूंदे गेहूं की खड़ी फसल पर गिरती है वह खेतों में एक तरह से सोना बरसाने जैसा कार्य करती है। धुंध के समय जहां खेतों में खड़ी गेहूं की फसल छोटी दिखाई देती है वहीं थोड़ा मौसम खुलते ही न केवल फसल में पूरा फुटाव होता है बल्कि खेतों में खड़ी फसल इतराने लग जाती है।

लोगों को ठंड से परेशानी
शनिवार को आसमान पर छाए बादलों के कारण ठंड का एहसास और बढ़ गया। एक तरफ जहां सर्दी आम जनता के लिए असहनीय होती है, वहीं गेहूं की फसल के लिए सर्दी व कोहरा वरदान साबित हो रहे हैं। इस सर्दी से किसानों को अपनी गेहूं की फसल से अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है।

हाड़ कंपा देने वाली सर्दी ने किया जन जीवन अस्त-व्यस्त
कई दिनों से लगातार पड़ रही हाड़ कंपा देने वाली सर्दी व सुबह के समय पड़ रही धुंध से लोगों की दिनचर्या पर पूरी तरह प्रभावित हो गई है। शनिवार सुबह अच्छी गहरी धूप ने दिन का स्वागत किया लेकिन दोपहर होते-होते आसमान पर बादल छा गए और मौसम में भारी ठंडक व्याप्त हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें