संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। सौथा रोड पर जलभराव से लोगों को आने जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह रास्ता आगे सौथा, हरनौला, सैर, रामदासपुर, पहाड़पुर, उम्मेदपुर, जनेदपुर व अन्य डेरों को जाता है। यहां से आने जाने वाले लोगों की संख्या बहुत अधिक है परंतु कीचड़ ज्यादा होने के कारण लोगों को दिक्कत होती है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यहां पर एक तालाब है जिसका पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर आ जाता है। इसके कारण सड़क पर पानी खड़ा रहता है। यह सड़क बहुत ही खस्ता हाल में है और कई बार खोदाई होने के बाद भी इसे बनाया नहीं गया है। सड़क पर रोड़े और मिट्टी होने के कारण फिसलन भी रहती है। पैदल चलने वालों को दिक्कत अधिक होती है क्योंकि उन्हें इसी गंदे पानी के बीच में से होकर गुजरना पड़ता है।
सड़क पर जलभराव से मच्छरों की भी भरमार रहती है। इस कारण से आसपास के लोगों को भी परेशानी होती है और बीमारी तक फैलने का खतरा बना रहता है। रोजाना वहां से गुजरने वाले बंसी लाल, हरी किशन, शेर सिंह पम्मा, सुखवंत सिंह, भीषू चौधरी, सतीश कुमार, लखविंद्र सिंह, सुरेश व अन्य का कहना है कि इस पानी के सड़क पर खड़े होने से परेशानी होती है। कई बार दो पहिया वाहन फिसल भी जाते हैं और पैदल जाने वालों को भी दिक्कत है।
नगरपालिका प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं देर रहा है। यह रास्ता दर्जनों गांवों व डेरों को सीवन से जोड़ता है। परंतु इस रास्ते के खराब होने से लोग कांगथली की ओर जाते हैं जिससे सीवन के व्यापार पर भी असर पड़ता है। इस रास्ते को ठीक करवाया जाए, ताकि लोगों को सुविधा हो सके।
संवाद न्यूज एजेंसी
भागल में चरमराई सफाई व्यवस्था
गुहला-चीका। उपमंडल के सबसे बड़े आदर्श गांव भागल में सफाई व्यवस्था बूरी तरह से चरमरा कर रह गई है। गांव की गलियों में कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए है और नालियां गंदगी से अंटी पड़ी है।
ग्रामीण शमशेर सिंह, अजमेर सिंह, जोगी राम ने बताया कि गांव में प्रवेश करने वाले हर मार्ग पर बड़े-बड़े कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जो आदर्श गांव की व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि मच्छरों की भरमार से डेंगू, बुखार पनप रहे हैं।
गांव के दौरे पर आए स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने भी गांव में फैली गंदगी पर अपनी चिंता जाहिर की है। गांव भागल के सरपंच सुदेश शर्मा ने कहा कि ग्रामीणों का रोष वाजिब है, क्योंकि पिछले कई माह से गांव में सफाई नहीं हो रही।
सरपंच ने बताया कि पिछले दिनों गांव में सीवरेज लाइन भी बिछाई गई है जिससे भी गलियों में कूड़ा बिखरा है। सुदेश शर्मा ने कहा कि भागल गांव की 13 हजार की आबादी है और पंचायत विभाग ने यहां मात्र 4 सफाई कर्मचारी लगाए गए हैं। ग्राम पंचायत के पास इन सफाई कर्मचारियों की हाजिरी की कोई व्यवस्था है नहीं है और इन्हें वेतन भी सीधे पंचायत विभाग से मिलता है।
सरपंच सुदेश शर्मा ने अधिकारियों से मांग की है गांव की आबादी को ध्यान में रखते हुए भागल में कम से कम 15 सफाई कर्मचारी लगाए जाएं और इनका हाजिरी का जिम्मा ग्राम पंचायत को दिया जाए।