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Kaithal News: डेढ़ घंटे की बारिश सड़कें और गलियों में जलभराव

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करनाल रोड पर जमकर होते हुई बारिश से जाते वाहन चालक। संवाद
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कैथल। शहर में रविवार को करीब डेढ़ घंटे बारिश हुई। जिलेभर में औसतन 20 एमएम बारिश दर्ज की गई। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई तेज बारिश के बाद मुख्य सड़कों से लेकर कॉलोनियों की गलियों तक जलभराव हो गया। अंबाला रोड, करनाल रोड, पिहोवा चौक, सब्जी मंडी, छात्रावास रोड, कबूतर चौक, रेलवे अंडरपास पार्क रोड, कमेटी चौक और पुराने अस्पताल जाने वाले मार्ग पर पानी जमा रहा। इसके अलावा अमरगढ़ गामड़ी, अर्जुन नगर, सिरटा रोड, मायापुरी कॉलोनी और खुराना रोड समेत कई कॉलोनियों में भी लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश के बाद रास्तों पर पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित हुआ।
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कई जगह नालियों से पानी की निकासी नहीं होने के कारण लोगों को सड़कों पर जमा पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। बारिश थमने के बाद भी कई स्थानों पर पानी जमा रहा जिससे आम लोगों की परेशानी कम होने के बजाय बढ़ती रही। शहर के प्रमुख मार्गों पर जलभराव के कारण सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को उठानी पड़ी। सड़क पर जमा पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगने से वाहन चालकों को संभलकर निकलना पड़ा। छोटी गलियों में स्थिति और ज्यादा खराब रही।
राहगीर राजेश, मनोज व सुरेंद्र का कहना है कि हर बार बारिश से पहले नालियों की सफाई और पानी की निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने की बात कही जाती है लेकिन हकीकत में नालों की सफाई नहीं होती है। प्रशासन के अधिकारी मात्र कागजों तक सफाई दिखाते हैं। जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं होता है। शहर के सभी नाले कचरे से अटे पड़े हैं। बड़ी-बड़ी घास उगी है। प्रशासन को सभी नाले साफ करवाने चाहिए, ताकि पानी निकासी व्यवस्था सही ढंग से काम करें।
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मंडियों में तिरपाल ढककर भीगने से बचाया धान
बारिश शुरू होते ही मंडियों में किसान और आढ़ती धान की ढेरियों को बचाने में जुट गए। अचानक तेज बारिश आने पर लोगों ने तुरंत तिरपाल मंगवाकर धान की ढेरियों को ढका।
बारिश ने गर्मी से दिलाई राहत
पिछले कई दिनों से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बारिश से राहत मिली। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया। अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री रहा। 11 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चली। रविवार सुबह करीब आठ बजे धूप निकली थी। इसके बाद 10 बजे के करीब आसमान में बादल छा गए। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में अब गर्मी से राहत मिलेगी।
पिछेती धान के लिए बारिश फायदेमंद
बारिश पिछेती धान की फसल के लिए फायदेमंद है। खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से धान के दाने के विकास में मदद मिलेगी। कम नमी के कारण जिन किसानों को उत्पादन प्रभावित होने की चिंता थी, उन्हें बारिश से राहत मिली है। इसके अलावा फसल में झुलसा रोग और पत्तियों के पीले पड़ने जैसी समस्याओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
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- रमेश चंद्र, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, कैथल

करनाल रोड पर जमकर होते हुई बारिश से जाते वाहन चालक। संवाद

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