संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका/कैथल। गुहला-चीका क्षेत्र से गुजर रही घग्गर नदी में जलस्तर कम होने की बजाय लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को यह जलस्तर रात आठ बजे तक 24 फीट के करीब पहुंच गया है। रविवार को पानी का बहाव तेज हो सकता है। अब यदि पानी का बहाव हुआ तेज तो क्षेत्र के किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी। कई गांवों से खंड मुख्यालय का संपर्क टूट सकता है और फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
वहीं, घग्गर के साथ ही भागल गांव से गुजर रही मारकंडा नदी का पानी भी खतरे के निशान 25 फीट से ऊपर पहुंच गया है, ऐसे में कई गांवों की सड़कों पर डेढ़ से दो फीट पानी आ गया है।
जिन गांवों में पानी आया है, उन गांवों में रत्ताखेड़ा, सिहाली, मोहनपुर, मंझेड़ी, मैंगड़ा, भूंसला व पपराला शामिल है। तीन दिन में 10 से अधिक गांवों में करीब पांच हजार एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है। वहीं, अब बाढ़ के खतरों के चलते गांवों से पंजाब जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया गया है। इन रास्तों पर पुलिस प्रशासन ने बेरिकेड लगा दिए हैं।
इसके साथ ही गांवों को पानी की मार से बचाने के लिए प्रशासन ने जेसीबी से सड़क उखाड़ी है। पिछले पांच दिनों से खतरे के निशान से ऊपर बह रही घग्गर नदी ने गुहला के गांव भागल, भूंसला, रत्ताखेड़ा कड़ाम, सिहाली, पपराला, मोहनपुर, मैंगड़ा, मंझेड़ी, बाउपुर, ढंढोता, कमहेड़ी, खंबेहड़ा, सरोला, रत्ताखेड़ा लुकमान, बुबकपुर, दाबा, चाबा, बुढऩपुर आदि गांवों की लगभग छह हजार एकड़ में खड़ी फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं।
इसके साथ ही कई गांवों के चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। गांवों से बाहर बने डेरे भी पानी की जद में आ गए है।