राजौंद। कस्बे में पिछले कई दिनाें से पानी न आने के कारण जन स्वास्थ्य विभाग के टैंक सूख चुके है। इससे गर्मी की अधिकता के साथ ही पेयजल संकट भी दिनोंदिन गंभीर रूप धारण करता जा रहा है। नगर में भूमिगत जल पीने योग्य न होने की वजह से कुछ ही नल ऐसे हैं, जहां से नगरवासी अपनी पेयजल की आपूर्ति करते हैं। नगर में स्थित जल घर भी नहरी पानी पर ही निर्भर हैं। जल घर केे तालाबों को भरने के लिए नहरी पानी की आपूर्ति न होने की वजह से नगर के अधिकतर क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था विकट रूप ले चुकी है। इसके चलते नगर के पूंडरी चौक के आसपास लगे दो-चार नलों से ही कस्बा की महिलाएं अपने घरों में पानी ले जाती हैं। एक से डेढ़ किलोमीटर की दूरी से पानी लाना नगर में काफी लंबे समय से महिलाओं व लोगों की दिनचर्या बनकर रह गया है। इतना ही नहीं दिन में बिजली न होने के कारण सांय के समय जैसे ही बिजली आती है तो उसी दौरान नगर मेें लगे सब-मर्सीबलों पर महिलाओं का जम घट लगना एक आम बात बन चुकी है ओर घंटाें लाइन में लगने के बाद एक घंटे बाद कही जाकर पानी का एक मटका नसीब होता है। महिला दर्शना, रेणू, कृष्णा, सरोज, मीना, प्रीति, ओमी, प्रेमो, ऊषा, सुमन ने बताया कि न तो जल घर से ही नहरी पानी की आपूर्ति होती है और न ही आसपास लगे नलों का पानी पीने योग्य है। जिसके चलते उनके पास दूर दराज लगे नलों व सब-मर्सीबल से पेयजल भरने के सिवाय कोई भी विकल्प नहीं है। महिलाओं की मांग है कि पेयजल समस्या को मिटाने हेतु नहरों में 15 दिन में पानी उपलब्ध करवाया जाए ताकि जल घरों के टैंक भरकर सभी को नहरी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
इस संबंध में नगर प्रशासक रामनिवास बांबू ने कहा कि इस समस्या के शीघ्र समाधान का प्रयास किया जाएगा।