शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर तस्वीर बदलने वाली है। अब कचरा उठान में कार्यरत एजेंसी के वाहन चालक कचरा उठान को लेकर बहानेबाजी नहीं कर पाएंगे। न ही शहर से कचरे की बदबू आएगी। इसके लिए 3.24 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट से नगर परिषद द्वारा पूरी व्यवस्था बदलने का फैसला लिया गया है। शीघ्र ही इस संबंध में टेंडर छोड़ दिया जाएगा। जिसमें कचरा एकत्रित करने की पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए तकनीक आधारित तंत्र विकसित किया गया है। कचरा एकत्रीकरण से लेकर उसके निस्तारण तक की सारी की सारी जिम्मेवारी संबंधी एजेंसी की होगी।
इस तरह से काम करेगा नया तंत्र- नगर परिषद द्वारा शहर में कचरा उठान के लिए इस समय टेंडर छोड़ा जाता है। जिसमें एजेंसी को कचरा एकत्रित करने के लिए एकमुश्त भुगतान किया जाता है। लेकिन कई बार लोगों की शिकायत रहती है कि कचरा उठान के लिए गाड़ी किसी गली में नहीं गई, किसी मोहल्ले में नहीं गई। कई-कई दिनों तक गलियों में कचरा उठान वाली गाड़ी नहीं दिखती। इन शिकायतों से निपटान के लिए नया रास्ता निकालते हुए अब हर घर में एक चिप लगाई जाएगी, जिसे तकनीकी भाषा में आरएफआईडी कहा जाएगा। यह चिप हर घर पर लगी होगी, जिसे कचरा उठान के लिए जाने वाले कर्मचारी को स्कैन करके बताना होगा कि वह संबंधित घर से कचरा ले चुका है। चिप का डाटा नगर परिषद में सर्वर से जुड़ा होगा और परिषद कार्यालय में जानकारी पहुंच जाएगी कि किस गली से संबंधित दिन में कचरे का उठान हुआ है।
इसमें ओर भी कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
1. हर घर में जाकर एजेंसी कर्मचारी को चिप स्कैन करके बताना होगा कि उसने उस घर से कचरा ले लिया है।
2. प्रत्येक घर में लोगों को कचरा गीला व सूखा अलग-अलग करके देना होगा। मिक्स कचरा एजेंसी कर्मचारी नहीं उठाएंगे।
3. गीले कचरे से एजेंसी को खाद बनाने की इकाई स्थापित करनी होगी। यह खाद तुरंत बिक जाती है।
4. सूखे कचरे को कबाड़ी को बेचकर शाम तक शून्य कचरे की रिपोर्ट देनी होगी, तभी उस एजेंसी को भुगतान होगा। मिट्टी आदि को गहरी जगहों पर डालने की अनुमति होगी, यदि थोड़ी बहुत मिलती भी है तो।
5. एजेंसी कहीं भी शहर में कचरा डंप नहीं कर पाएगी, यदि कहीं कचरा डंप करते हुए पकड़ा गया तो दस प्रतिशत जुर्माना लिया जाएगा।
6. वाहन, कर्मचारी, चिप सिस्टम, इंटरनेट खर्च सहित तमाम खर्च एजेंसी को उठाना होगा। नगर परिषद द्वारा केवल 27 लाख रुपये प्रति माह या फिर 3 करोड़ 26 लाख रुपये सालाना एजेंसी को भुगतान करना होगा।
7. एजेंसी के सभी वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगा होगा। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों, कामर्शियल स्थानों पर रखे गए डस्टबिन सिस्टम में भी आरएफआईडी चिप लगाई जाएगी, ताकि वहां से कचरा उठान की पुष्टि हो सके।
ईओ नगर परिषद कैथल अशोक कुमार ने कहा कि अब शहर में हर घर में आरएफआईडी चिप लगाई जाएगी। जिसे स्कैन करके कचरा एकत्रित करने वाले कर्मचारी को बताना होगा कि वह उस घर से कचरा ले चुका है। कचरा गीला व सूखा अलग-अलग करके देना होगा। एजेंसी को शाम को शून्य कचरे की रिपोर्ट देनी होगी। सभी वाहनों में जीपीएस सिस्टम से निगरानी की जाएगी। डीएमसी कुलधीर सिंह ने कहा कि नई व्यवस्था बारे पंचकुला में ट्रेनिंग दी गई है। इस योजना के तहत जारी सरकार के निर्देशों की पालना की जा रही है।