जिला नागरिक अस्पताल में आउटसोर्सिंग पर लगे करीब 32 वर्षीय वार्ड अटेंडेंट की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई। अटेंडेंट की मौत के कारण गुस्साए अस्पताल के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने अपना काम बंद कर अस्पताल में प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने अपनी मांगों का ज्ञापन सिविल सर्जन व एसडीएम कैथल को सौंपा। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों द्वारा काम बंद करने की सूचना जैसे ही विभाग के उच्चाधिकारियों तक पहुंची तो वे प्रदर्शन कर रहे कर्मियों के बीच पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया। जब वे नहीं माने तो प्रशासन की ओर से एसडीएम कैथल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कर्मचारियों की मांगों को विभाग के मुख्यालय को प्रेषित करने का आश्वासन दिया, तब जाकर कर्मचारी माने और वापस काम पर लौटे।
प्रदर्शन कर रहे आउटसोर्सिंग कर्मचारी यूनियन के प्रधान कर्मजीत, सतीश कुमार, कर्मवीर, परविंद्र, विक्रम व प्रदीप ने बताया कि गांव बात्ता निवासी कोरोना संक्रमित 32 वर्षीय कर्मचारी का 16 मई को निधन हो गया। उसे पहले किडनी से संबंधित बीमारी थी। पहले उसे कैथल के अस्पताल में दाखिल करवाया गया। बाद में पीजीआई चंडीगढ़ भेज दिया गया। वहां पर उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई। ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने मांग की कि मृतक कर्मचारी के परिवार में से किसी सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। सरकार की घोषणा के अनुसार मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए और 10 लाख की सहायता राज्य सरकार द्वारा दी जाए। इसके अलावा उन्होंने सभी कर्मचारियों की सुरक्षा करने, उन्हें आयुष्मान योजना के तहत लेने, किसी भी कर्मचारी को न हटाने, कर्मचारियों को पैरोल पर लेने, बीमा योजना का लाभ देने, ठेका प्रथा समाप्त करने व कर्मचारियों को उचित वेतन देने की मांग की।
तीन घंटे तक इंतजार करते रहे मरीज
कर्मचारियों का प्रदर्शन करीब तीन घंटे तक चला। इस दौरान कोई भी अटेंडेंट किसी भी वार्ड या कक्ष के बाहर नहीं रहा। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों इंतजार करना पड़ा। कर्मचारियों के प्रदर्शन के बाद ही मरीजों का इलाज सुचारु हो पाया। ओपीडी के बाहर मरीजों की कतारें लगी रही।
सिविल सर्जन डॉ. ओमप्रकाश व एसडीएम डॉ. संजय कुमार ने कर्मचारी की मौत के बाद सबसे पहले दो मिनट का मौन रखवाया। उसके बाद कर्मचारियों को आश्वासन कि उनकी सभी मांगें विभाग के मुख्यालय को प्रेषित की जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल के कर्मचारी हमारे कोरोना योद्धा हैं। उनकी हर मांग को विभाग व सरकार तक पहुंचाया जाएगा, मृतक के परिवार को उचित सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।