वार्ड नंबर छह में सीवरेज के ओवरफ्लो होने की समस्या आम हो चुकी है। इसके साथ वार्ड की गलियों में जगह-जगह सीवरेज के ढक्कन टूटे हुए हैं। जिस कारण कभी भी कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। सेठ कॉलोनी में गली का निर्माण अधूरा पड़ा है। बारिश हो जाए तो वार्ड में खाली पड़े प्लाटों में पानी लबालब भर जाता है। जिससे यहां मच्छर पनपने लगते हैं। गंभीर बीमारियों के फैलने का डर भी बना रहता है। साथ ही वार्ड वासियों ने सफाई कर्मचारियों पर कार्य में अनियमितता का आरोप भी लगाया है।
गली का निर्माण कार्य है अधूरा
वार्ड नंबर 6 वासी मुकेश वधवा ने बताया कि सेठ कॉलोनी में करीब एक माह पहले गली को तोड़कर इसका निर्माण कार्य शुरू करवाया गया था। लेकिन यह अब बंद हो चुका है। जिस कारण गली के लोगों को यहां से गुजरने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। उसने बताया कि गली के समीप एक होटल व एक पैलेस स्थित है। अगर दोनों स्थान पर कोई कार्यक्रम हो तो यहां के कारीगर गंदगी को गली में डाल देते है।
बारिश के बाद जमा होता है पानी, परेशानी
वार्ड वासी सुनीता राणा ने बताया कि उनकी गली में घर के सामने खाली प्लाट पड़े है। बारिश के बाद यहां पानी जमा हो जाता है। यहां मच्छरों का आलम है। जिससे वार्ड वासी परेशान हो चुके है। उन्होंने बताया कि वह कई बार इसकी शिकायत दे चुके है। लेकिन इसका कोई हल नहीं निकला।
वार्डवासी मूर्ति गुप्ता ने बताया कि यहां सफाई कर्मचारी नियमित रूप से सफाई तो करते हैं। लेकिन कई गलियों में यदि बारिश के कारण पानी जमा होने के कारण गंदगी इकट्ठा हो जाती है तो उसे सफाई कर्मचारियों द्वारा नहीं उठाया जाता। जिससे बीमारियां फैलने का डर बना रहता है। उसने कहा कि वह इसकी शिकायत एमसी को कई बार दे चुके हैं। लेकिन इस समस्या का कोई हल नहीं हुआ है।
वार्डवासी महिला छन्नों देवी ने बताया कि वार्ड में स्थित ट्यूबवेल से नहरी पानी व्यर्थ बहता था। पहले ही वार्डवासियों को पानी न मिलने से काफी परेशानी हो रही है। इस पर कोई खास ध्यान नहीं दिया गया है। ऐसा नहीं होना चाहिए।
जल्द करवाया जाएगा समस्या का समाधान
वार्ड नंबर छह के पार्षद कुलदीप सैनी ने बताया कि उसके वार्ड में नियमित रूप से कार्य चल रहे हैं। कुछ जगह पर निर्माण कार्य मौसम के कारण बंद पड़े हैं। जल्द ही कार्य शुरू करवाया जाएगा। सफाई कर्मचारी भी अपना कार्य नियमित रूप से कर रहे हैं। सीवरेज की समस्या पर उन्होंने कहा कि बारिश के कारण सीवरेज ओवरफ्लो हो जाते है। जहां सीवरेज के ढक्कन टूटे हैं। उनका टेंडर लगा रखा है। उन्हें भी जल्द ही ठीक करवाया जाएगा।