कैथल। हरियाणा मानव अधिकार आयोग के चेयरमैन जस्टिस ललित बत्तरा ने कहा कि सड़क दौड़ का मैदान नहीं, बल्कि जिंदगी की राह है, इसलिए सावधानी ही सुरक्षा है। सड़क पर संभलकर चलो क्योंकि जिंदगी अनमोल है।
गांव पाड़ला स्थित अशोक लेलैंड ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में आयोजित सेमिनार में उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा हर व्यक्ति का मूल अधिकार है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति सुरक्षित घर लौटे, यह उसकी सबसे बड़ी हकदारी है। एक पल की लापरवाही कई परिवारों की खुशियां छीन लेती है।
हेलमेट और सीट बेल्ट को बोझ नहीं, बल्कि सुरक्षा की ढाल समझें। तेज रफ्तार और नशे में ड्राइविंग हादसों के प्रमुख कारण हैं। यातायात नियमों का पालन कर कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उन्होंने सड़क सुरक्षा और मानव अधिकार के गहरे संबंध पर भी जोर दिया। सुरक्षित सड़कें, संकेतक और जागरूक चालक जरूरी हैं। आयोग ने हाईवे सुरक्षा को लेकर विभागों से रिपोर्ट मांगी है। कैथल पहुंचने पर जिला प्रशासन ने उनका स्वागत किया। विश्राम गृह में अधिकारियों को निर्देश भी दिए। सदस्य दीप भाटिया ने भी नियमों के पालन की अपील की। कार्यक्रम में कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया। संवाद