संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल मार्ग पर विद्युतीकरण को छह साल बीत चुके हैं, लेकिन यहां पर अभी तक इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (ईएमयू) ट्रेन का संचालन नहीं हुआ है। इस रूट पर रेल यात्रियों को ईएमयू ट्रेन का संचालन होने का बेसब्री से इंतजार है।
गौरतलब है कि इस रूट पर ईएमयू ट्रेन का संचालन होने के बाद कैथल से नरवाना, जींद और कुरुक्षेत्र जाने के समय में बचत होगी। इस ट्रेन के संचालन के बाद इंजन के अदला-बदली का झंझट भी खत्म होता है। इससे भी यात्रियों को काफी समय की बचत होती है। अब रेल यात्री कल्याण समिति ने इलेक्ट्रिक इंजन की बजाय ईएमयू ट्रेन का संचालन करने की मांग की है।
कुरुक्षेत्र-नरवाना मार्ग पर बढ़ चुकी है गति ः विद्युतीकरण होने के बाद कुरुक्षेत्र-नरवाना रूट पर अब रेलवे की ओर से गति को बढ़ा दिया गया है। ऐसे में यहां पर ईएमयू ट्रेन का संचालन आसानी से हो सकता है। हाल ही में चंडीगढ़ से हिसार की ट्रेन चलाने के अंब अंदौरा-अंबाला मेमू को भी मंजूरी दी जा चुकी है। इस मार्ग पर गति बढ़ने से पहले 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक की गति तक ही ट्रेन चलाई जा सकती थी। इस रूट पर 110 किलोमीटर प्रति घंटा गति का परीक्षण किया जा चुका है।
उल्लेखनीय है कि यह कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल सेक्शन दिल्ली मंडल में आता है। दिल्ली मंडल में एकमात्र
ईएमयू शेड केवल गाजियाबाद में है। इस कारण भी इस रूट पर ईएमयू का संचालन हो सकता है। ईएमयू शेड की कमी के कारण भी ईएमयू ट्रेन संचालन बहुत कम हो रहा है।
आला अधिकारियों के निर्देशों के तहत ही ट्रेनों का संचालन किया जाता है। अभी तक ईएमयू ट्रेन का संचालन शुरू करने को लेकर कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए है। इस पर आला अधिकारी ही निर्णय लेते हैं।
- सतीश कुमार, अधीक्षक, रेलवे स्टेशन, कैथल।