कैथल। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए पाई गांव के तालाबों में गंबूजिया मछलियां डाली गईं। यह अभियान बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पूंडरी के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेश के निर्देश पर चलाया गया।
कार्यक्रम स्वास्थ्य निरीक्षक राकेश सिवाच (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाई) के मार्गदर्शन में तथा स्वास्थ्य कर्मचारी श्रवण करोड़ा (उप स्वास्थ्य केंद्र पाई तृतीय) के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें गांव के अंतर्गत आने वाले सभी तालाबों में गंबूजिया मछलियां छोड़ी गईं।
इस अवसर पर स्वास्थ्य कर्मचारी श्रवण करोड़ा ने ग्रामीणों को जानकारी देते हुए बताया कि गंबूजिया मछली को आम भाषा में मच्छर खाने वाली मछली कहा जाता है। यह मछली मच्छरों के लार्वा को खाकर उनकी संख्या को नियंत्रित करती है, जिससे मलेरिया, डेंगू और अन्य मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम में मदद मिलती है।उन्होंने बताया कि गंबूजिया मछलियों की विशेषता यह है कि ये कम ऑक्सीजन वाले पानी में भी जीवित रह सकती हैं, विभिन्न तापमान को सहन कर लेती हैं और तेजी से प्रजनन करती हैं।
ये मछलियां अंडे नहीं देतीं बल्कि सीधे बच्चे देती हैं और एक बार में 20 से 100 तक शिशु उत्पन्न कर सकती हैं। एक गंबूजिया मछली प्रतिदिन सैकड़ों मच्छरों के लार्वा को खा सकती है। स्वास्थ्य कर्मचारी अमित ने भी लोगों को जागरूक किया। इस दौरान नरेंद्र सिंह हजवाना भी उपस्थित रहे। संवाद