कैथल। भारत में चुनाव को पर्व की तरह मनाया जाता है और इस बार तो चुनाव आयोग ने चुनाव का पर्व-देश का गर्व स्लोगन भी दिया है। प्रत्येक मतदाता यह सुनिश्चित कर लें कि उसका नाम मतदाता सूची में शामिल है या नही। यदि मतदाता के पास किसी वजह से वोटर कार्ड नहीं है तो वह अन्य वैकल्पिक पहचान पत्र दिखाकर भी वोट डाल सकता है। यह जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी प्रशांत पंवार ने दी है।
उन्होंने बताया कि देश में लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व का आगाज चुनाव का शेड्यूल जारी होने के साथ ही हो गया है। वोट डालने के लिए मतदाता का नाम मतदाता सूची होना जरूरी है। मतदाता का नाम मतदाता सूची में तो है, लेकिन उसके पास मतदाता पहचान पत्र नहीं है तो वह निर्वाचन आयोग द्वारा निर्दिष्ट वैकल्पिक पहचान पत्र में से कोई एक पहचान पत्र दिखाकर अपना वोट डाल सकता है।
उन्होंने बताया कि वोट डालने के लिए वोटर कार्ड के अलावा अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों में पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, केंद्रीय, राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों या सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, पैन कार्ड, श्रम मंत्रालय द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज और आधार कार्ड शामिल हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट सीईओ.ईसीआईहरियाणा.जीओवी.इन पर विधानसभा अनुसार मतदाता सूचियां अपलोड है, उसे डाउनलोड करके भी कोई व्यक्ति अपना नाम मतदाता सूची में चैक कर सकता है। इसके अलावा वोटर हेल्पलाइन नंबर 1950 पर कॉल करके भी अपनी वोट चेक कर सकते हैं। संवाद