कैथल। शहर के सबसे मुख्य पार्क जवाहर पार्क में समस्याओं का अंबार लगा है। ऐसे में सैर करने वाले लोग लगातार चोटिल हो रहे हैं। समस्याओं के कारण यह लोग न तो सैर कर पा रहे हैं और न ही पार्क में अन्य कोई कार्य। इस कारण काफी परेशानियों का सामना इन लोगों को करना पड़ता है। पार्क में रास्ता उबड़-खाबड़ होने के कारण सैर करने के लिए आने वाले लोग चोटिल होते हैं,। यही नहीं, सैर करने वालों के हाथ, मुंह व दांत टूट रहे हैं।
कहावत है कि प्रतिदिन सैर करने से हमारा स्वास्थ्य ठीक रहता है। इसलिए लोग शहर के विभिन्न पार्कों में सैर करने के लिए जाते हैं, परंतु सोचिए यदि सैर करते समय पार्क में टूटे हुए रास्ते के कारण गिरकर आपके शरीर को नुकसान पहुंचेगा तो आप पर क्या बीतेगी। लोग पार्क में जाते तो सैर करने के लिए हैं, लेकिन वे चोटिल होकर वापस आते हैं।
पार्क में ये हैं समस्याएं
इस समय पार्क में समस्याओं के अंबार लगे हैं। पार्क में सबसे बड़ी समस्या बाबा शाह कमाल दरबार के निकट आने वाले टूटे रास्ते की है। पार्क में स्ट्रीट लाइटें खराब होने के कारण ज्यादातर जलती नहीं। कई जगहों पर बिजली के नंगे तार पड़े हैं।
पार्क में फव्वारे पिछले कईं वर्षों से टूटे पड़े हैं। डस्टबिन भी टूटे हैं, जिस कारण कचरा बिखर जाता है और रात को कुछ शरारती तत्व झील के निकट एक किनारे बैठकर शराब तक पीते हैं। संवाद
जल्द ही जवाहर पार्क की सभी समस्याओं को समाधान किया जाएगा। यदि और कोई समस्या है तो लोगों को लिखित में इसकी शिकायत देनी होगी। जल्द से जल्द इसके समाधान करवाया जाएगा। -कुलदीप मलिक, ईओ, नगर परिषद, कैथल
पार्क मेंं कोई चौकीदार नहीं
गुड मार्निंग क्लब के सदस्य बलदेव गुगलानी ने बताया कि पार्क में बहुत से समस्याएं हैं। इसमें पानी, बिजली व सफाई की अधिक समस्या है। जवाहर पार्क में कोई चौकीदार नहीं है। जिस कारण रात को अंधरे का फायदा उठाकर कई शरारती तत्व यहां आकर शराब व बीयर पीते हैं और खाली बोतलें व अन्य सामान यहीं छोड़कर चले जाते हैं। सुबह जब हम सैर करने आते हैं तो पार्क में हमें शराब व बीयर की खाली बोतलें पड़ी नजर आती हंै।
सबसे खराब आम रास्ता
जवाहर पार्क में घूमने आए शहरवासी विजय गोयल ने बताया कि वैसे तो पार्क में समस्याएं तो बहुत है, लेकिन सबसे प्रमुख समस्या पार्क में बाबा शाह कमाल दरबार के निकट आने वाले आम रास्ते की है। जहां पर पिछले लगभग तीन वर्षों से दो रास्ते के दो ब्लॉक इतने खराब हैं कि यहां हर रोज यहां पर सैर करने के लिए आने वाले लोग इस पर ठोकर खाकर गिरते हैं। इस सार्वजनिक स्थान पर प्रशासन को कोई ध्यान नहीं है। शहरवासियों का ध्यान रखना प्रशासन का काम है।
हॉर्न बजाते हैं बाइक सवार
आर्य प्रयास संगठन के प्रधान सतीश कथूरिया ने बताया कि पार्क में सुबह नौ बजे बाद शाम तक लगभग 50 से अधिक मोटरसाइकिलेंं लेकर लोग घूमते रहते हैं। लोग सैर करते रहते हैं और मोटरसाइकिल सवार पीछे से हॉरन बजाते रहते हैं। इनका चालान कटना चाहिए। पार्क में मोटर साइकिल लाने को कोई मतलब नहीं बनता। दूसरा पार्क में पिछले कई वर्षों पहले नगर परिषद की ओर से बिजली वालों को कुछ समय के लिए एक कमरा दिया था रहने के लिए, लेकिन वो भी तक खाली नहीं करवाया गया गया।
पार्क में लगे बिजली के पोल पर तार नंगे पड़े हैं। अधिकतर लाइटें खराब हैं, जिससे सुबह शाम पार्क में अंधेरा छाया रहता है। डस्टबिन भी टूटे पड़े हैं। जिससे कचरा बिखर जाता है। -ऋषि गोयल
लगभग 40 वर्षो से जवाहर पार्क में सैर करने आते हैं। पार्क में चमगादड़ भी बहुत हैं। कई पेड़ों पर लटके रहते हैं। सैर करने वालों पर गारबेज गिरता रहता है जो शरीर के लिए घातक है। -सदानंद
पार्क में वर्षों से फव्वारे टूटे पड़े हैं। कई बार मिट्टी व कचरा भी इसमें डाल दिया जाता है। प्रशासन को चाहिए की इन टूटे फव्वारों को ठीक करवा कर पार्क को सुंदर बनाया जाए। -अशोक शर्मा
पार्क में कई पेड़ पौधे भी सूख गए हैं। पानी, लाइटें व सफाई के साथ साथ पार्क में लोगों के बैठने के लिए अधिकतर कुर्सियां भी टूटी पड़ी हैं। ओपन जिम का सारा समान भी टूटा पड़ा है। -संतराम