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वायरल बुखार के हमले से लोग परेशान

Sun, 02 Oct 2016 11:46 PM IST
ब्यूरो कैथल
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जांच करते डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 बदलता मौसम इस समय जिले में कहर बरपा रहा है। मौसम के कारण फैल रहे वायरल बुखार के कारण लोग परेशान हैं। करीब-करीब हर घर में वायरल बुखार के पीड़ित मरीज हैं। कई लोगों को डेंगू व चिकनगुनिया के लक्षण भी पाए जा रहे हैं। जिस कारण लोग दहशत में हैं और अपनी जांच करवाकर इलाज करवाने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा वायरल बुखार ने परेशान किया हुआ है। इसमें बुखार एक या दो दिन रहता है, लेकिन इससे आई कमजोरी की रिकवरी करीब दस दिनों में हो पाती है। जिसमें शरीर पूरी तरह से टूट जा रहा है। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है। सिर्फ समय पर उचित परामर्श लेकर पीड़ित इलाज करवाएं।
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हर घर में वायरल ने पसारे पांव
बदलते मौसम में वायरल बुखार लगातार फैलता जा रहा है। दिन में गर्मी और रात के समय ठंड के कारण वायरल बुखार के लिए स्थितियां अनुकूल बन रही हैं। इसके अलावा डेंगू व चिकनगुनिया जैसी बीमारियां मच्छरों के काटने के कारण फैल रही हैं। शहर के निजी अस्पतालों व सामान्य अस्पताल में इस वायरल के हजारों की संख्या में मरीज आ रहे हैं। मरीज सीमा, मनीष कुमार, शशि, अंजलि, कविता, सचिन, प्रदीप कुमार ने बताया कि उनके आस-पास भी लोगों को यह वायरल हुआ है। जिसके ठीक होने सेे करीब 10 दिन का समय लगता है। वायरल होने से एक दम शरीर टूटा हुआ महसूस होता है। कमजोरी अधिक होने के कारण ठीक होने से 10 दिन से ज्यादा समय लग जाते हैं।

निजी अस्पतालों में उमड़ रही है भीड़
निजी अस्पतालों में हर रोज हजारों की संख्या में मरीज ओपीडी में इलाज के लिए आ रहे हैं। जहां कइयों को डेंगू जैसे लक्षण मिलने पर जांच भी करवानी पड़ रही है। वहीं एक अस्पताल में तो चिकनगुनिया के लक्षण भी दो मरीजों में पाए गए। लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई।
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यह है वायरल लक्षण
वायरल होने पर दो व तीन दिन तक बुखार रहता है। इसके बाद बुखार नहीं होता है, लेकिन कमजोरी रहती है। शरीर दर्द, भूख न लगना, माथे पर पसीना आना, उल्टी, जी मचलना इसके लक्षण हैं।

सावधानी रखें, समय पर इलाज लें
चिकित्सकों का कहना है कि मच्छरों से बचाव रखें। बुखार की स्थिति में लापरवाही ना बरतें। समय पर चिकित्सकों की सलाह अनुसार जांच करवाएं। कई बार डेंगू जैसी स्थिति होने पर खतरा बढ़ सकता है। इसीलिए जरूरी है सावधानी बरती जाए। भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी सावधानी बरतें।

घबराएं नहीं, डॉक्टर की सलाह से ले इलाज
डॉ. महेन्द्र शाह ने बताया कि वायरल होने पर घबराएं नहीं। किसी प्रकार का खतरा नहीं है। दो दिन बुखार होने के बाद शरीर में कमजोरी आ जाती है। 7 से 10 दिन के अंदर फिर से व्यक्ति ठीक हो जाता है।

20 हजार  से कम प्लेटलेटस पर होता है खतरा
डा. बाल किशन मक्कड़ ने बताया कि 20 हजार से कम प्लेटलेट्स होने पर विशेष इलाज देना पड़ता है। इससे ज्यादा होने पर किसी प्रकार का खतरा नहीं है। मरीज को पूरी तरह से ठीक होने में 10 दिन लग जाते हैं।

साफ-सफाई एवं बचाव ही बचने का रास्ता है : सीएमओ
सिविल सर्जन डा. मनीष बंसल ने कहा कि बदलते मौसम में यह बुखार होता है। इसलिए लोग सावधानी रखें। मुख्य रूप से अपने आस-पास के एरिया में साफ-सफाई रखें। किसी भी प्रकार की गंदगी हो तो उसे साफ करें या करवाएं। वायरल में मरीज के संपर्क में रहने, खांसी-जुकाम वाले मरीज के संपर्क में आने से भी यह हो जाता है। इसलिए सावधानी ही इसका बचाव है।
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