पाई। भाणा गांव के मौजिज लोगों की एक बैठक रविवार को हुई । बैठक में 15 अक्तूबर को गांव की बेटी सोनिया ढुल को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया। ग्रामीण कैप्टन बलजीत, धर्मसिंह, नसीब सिंह बूरा, सींद्र व देवकृष्ण ने बताया कि बेटी सोनिया ढुल ने आर्थिक तंगी के बावजूद कठोर मेहनत से जर्मनी में साइंटिस्ट बनने तक का सफर तय किया है। जो एक बेहतर उपलब्धि है। गांव भाणा में एक जोरदार स्वागत समारोह किया जाएगा।
विदित रहे कि सोनिया ढुल के पिताजी का काफी समय पहले देहांत हो गया था और घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी, इसके बावजूद सोनिया ने सरकारी स्कूल में अपनी शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद शिक्षकों के मार्गदर्शन और सहयोग से आईआईटी मद्रास से अपनी एमएससी की पढ़ाई पूरी की। उसकी लगन को देखते दौरान चाइना, अमेरिकी, इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया जैसे संपन्न देशों से उसे रिसर्च के लिए बुलाया गया लेकिन सोनिया ने दुनिया की सबसे श्रेष्ठ जर्मन की रिसर्च संस्थान को चुना। सोनिया का सपना है कि वह वहां पर अपनी रिसर्च को पूरा करके अपने देश में अहम योगदान दूं। सोनिया की इस लगन से सभी प्रभावित हैं। इस मौके पर राजा, धर्मपाल, राजेश, जगबीर, जगदीप, धर्मबीर, रमेश, जयभगवान, सतबीर, जितेंद्र, कालु, प्रदीप, धीरा, सलिंद्र, कपूरा व जिले सिंह मौजूद रहे।