संवाद न्यूज़ एजेंसी
ढांड। जिला प्रशासन के सोलूमाजरा गांव में रात्रि ठहराव कार्यक्रम के तहत समाधान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों ने अपने-अपने स्टाल लगाकर ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। डीसी अपराजिता और एसपी उपासना ने ग्रामीणों से रू-ब-रू बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुनकर संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।
शिविर में ग्रामीणों ने कई मुद्दे उठाए। सुनहरी देवी ने अपनी गली की कच्ची स्थिति का मुद्दा उठाया। डीसी ने सरपंच से जवाब मांगा, तो उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत के पास अभी बजट नहीं है। जून में भूमि नीलामी के बाद ही गली का निर्माण किया जाएगा।
बलकार सिंह ने शमशान घाट में बकरियों और भेड़ों की उपस्थिति और गंदगी की समस्या बताई। डीसी ने बीडीपीओ ढांड को एक सप्ताह के भीतर पशुओं को हटवाने और सफाई कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। गुरप्रीत ने अपने नाबालिग भाइयों के नशाखोरी और घर में झगड़ों की समस्या बताई। डीसी ने सीएमओ को निर्देश दिए कि बच्चों की काउंसलिंग की जाए और उन पर निगरानी रखी जाए। पूर्व सरपंच करनैल सिंह ने बीपीएल कॉलोनी में पानी निकासी की समस्या उठाई। डीसी ने बीडीपीओ ढांड को शीघ्र योजना बनाकर समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया।
खाद एवं आपूर्ति विभाग ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत बीपीएल परिवारों को निशुल्क गैस सिलेंडर, चूल्हा और रेगुलेटर वितरित किए।
डीसी अपराजिता ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर इसलिए आयोजित किए जाते हैं ताकि लोग अपनी समस्या सीधे प्रशासन के सामने रख सकें। उन्होंने कहा कि सड़क टूटी होने या अन्य समस्याओं की जानकारी देना ग्रामीणों की जिम्मेदारी है, प्रशासन समाधान करेगा। डीसी ने कहा कि बिजली बिल कम करने के लिए घर की छत पर सोलर पैनल लगवाएं, सरकार इसके लिए अनुदान देती है।
नशे को सामाजिक कुरीति बताया और ग्रामीणों से कहा कि वे अपने बच्चों पर विशेष ध्यान दें और उनकी गतिविधियों पर नजर रखें।
-उपासना एसपी