हरियाणा के कैथल जिले के गुहला-चीका क्षेत्र के खरौदी गांव में सड़क का शिलान्यास करने गए गुहला के विधायक विधायक ईश्वर सिंह को ग्रामीणों ने खरी-खरी सुनाते हुए विरोध किया। ग्रामीणों ने सवाल किए कि चार साल बाद उन्हें गांव की याद आई है। यह वहीं खरौदी गांव है, जिसने उन्हें चुनाव में जीत दिलवाई थी।
जब विधायक ईश्वर सिंह ने कहा कि पहले तो वे कोरोना के चलते गांव में नहीं आ सके और बाद में किसान आंदोलन के चलते काम नहीं हो पाए। इस पर गांव के एक युवक ने कहा कि क्यों किसानों को बदनाम करते हो विधायक जी, किसानों ने आपको सड़कें बनाने से कब रोका था। युवक ने कहा कि आप इसलिए नहीं आए, क्योंकि गांव तक आने लायक सड़क ही नहीं थी।
सोशल मीडिया पर विधायक ईश्वर सिंह के साथ बहस करते का वायरल हो रहे वीडियो में युवक कह रहा है गांव वालों की तो मजबूरी है, उन्हें तो रोजी रोटी के लिए हर रोज इसी टूटी सड़क से जाना होता है लेकिन आप चार साल तक नहीं आए। अब चुनाव सिर पर आ गए है तो आपको गांव की सड़क बनाने की याद आ गई।
उसके बाद कई ग्रामीण ने भी विरोध करते हुए कहा कि बचा हुआ एक साल भी वे टूटी सड़क पर चलते हुए गुजार लेंगे, लेकिन सड़क बनाने के लिए नहीं कहेंगे। लोगों की नाराजगी बढ़ते देख विधायक ईश्वर सिंह ने सभास्थल से चले जाना ही उचित समझा।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को विधायक ईश्वर सिंह चीका-खरौदी रोड़ के निर्माण का शिलान्यास करने खरौदी गांव गए थे। वहां विधायक ने पूजा करवाकर नारियल फोड़ा और ग्रामीणों को संबोधित भी किया। संबोधन के दौरान जब विधायक ने कहा कि सड़क अगले दो महीने में तैयार हो जाएगी।
इस दौरान सभा में मौजूद कुछ ग्रामीण विधायक ईश्वर सिंह से बहस करने लगे। हालांकि गांव के कुछ बड़े बुजुर्गों ने बीच-बचाव किया। खरौदी गांव को विधायक ईश्वर सिंह का खास समर्थक माना जाता रहा है और गत विधानसभा चुनाव में गांव के लगभग आधे वोट ईश्वर सिंह को ही मिले थे।
एक-दो युवक सड़क बनाने में देरी की बात कह रहे थे : ईश्वर सिंह
विधायक ईश्वर सिंह का कहना है कि वे चीका से खरौदी तक बनने वाली चार किलोमीटर सड़क के निर्माण कार्य का शिलान्यास करने खरौदी गांव गए थे। इस सड़क पर एक करोड़ 80 लाख रुपये खर्च होंगे। गांव में सभा के बाद किसान यूनियन से जुड़े एक-दो युवक सड़क बनाने में देरी होने की बात कह रहे थे। इन युवकों को समझा दिया था। जल्द ही चीका खरौदी रोड का निर्माण पूरा कका दिए जाएगा।