गांव बात्ता में शनिवार को बिजली चोरी की जांच के लिए पहुंचे बिजली कर्मचारियों को गांव के लोगों ने बंधक बना लिया। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंच कर उन्हें मुक्त करवाया। वहीं गांव के लोगों ने बिजली कर्मचारियों पर घर में घुसकर वीडियो बनाने का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों ने पुलिस में एक दूसरे के खिलाफ शिकायत दी है। समाचार लिखे जाने तक मामले में समझौते के प्रयास सिरे नहीं चढ़े थे।
बिजली विभाग के कर्मचारियों ने पुलिस स्टेशन में दी लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि वे पुलिस कर्मचारियों के साथ गांव बात्ता में बिजली चोरी पकड़ने के लिए गए थे। जिन घरों में वे गए वहां बिजली का मीटर बंद कर बिजली चोरी की जा रही थी। जब वे वहां की मूवी बनाने लगे तो लोगों ने न केवल उन पर हमला बोल दिया बल्कि उन्हें बंधक भी बना लिया। उनके साथ आए पुलिस कर्मियों ने इसकी सूचना कलायत पुलिस स्टेशन में दी। उन्होंने कहा कि जब वे घर से बाहर आए तो मौके पर मौजूद लोगों ने उनकी गाड़ी को घेरकर उसे नुकसान पहुंचाया व उनके साथ फिर से मारपीट की। लोगों ने उनके पहचान पत्र देखने के साथ उनकी फोटो मोबाइल में ली।
बिजली कर्मचारियों के बंधक बना जाने की सूचना जैसे ही कलायत पुलिस स्टेशन में पहुंची तो थाना प्रभारी वेदप्रकाश पुलिस बल के साथ बात्ता रवाना हुए। मगर उससे पहले ही बिजली कर्मचारी घर से बाहर आ गए थे, जिन्हें पुलिस द्वारा पुलिस स्टेशन लाया गया। बिजली कर्मियों ने पुलिस स्टेशन में उनके साथ मारपीट करने व बंधक बनाने का आरोप लगा ग्रामीणों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाए जाने का आग्रह किया है।
दूसरी ओर गांव निवासी सुनीता, प्रमिला, ऊषा, रतनी, केलो व अनिता ने थाना प्रभारी वेदप्रकाश को बताया कि दोपहर बिजली विभाग के पांच कर्मचारी एवं अधिकारी सजूमा रोड स्थित उनके आवास पर आए। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मियों ने गली में कोई आदमी न देख दीवार फांदकर व घर में घुस गए। जहां घर में उनके परिवार की महिला बाथरूम में स्नान कर रही थी। स्नान कर रही महिला के शोर मचाने पर आसपास के घरों से और भी महिलाएं मौके पर पहुंच गईं व कर्मचारियों को पकड़ना चाहा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली व पुलिस विभाग के कर्मचारियों ने हाथापाई की। जिसमें एक औरत के गले की चेन गुम हो गई। लोगों ने कहा कि जिन घरों में बिजली कर्मचारी पहुंचे थे, उन दोनों ही घरों ने बिजली बिल पूरे अदा किए हुए हैं।
सिरे नहीं चढ़े समझौते के प्रयास
बिजली कर्मचारियों के कलायत आने के पश्चात गांव बात्ता से सैकड़ों ग्रामीण पुलिस स्टेशन पहुंचे जिनके साथ महिलाएं भी शामिल थी। थाना प्रभारी वेदप्रकाश के नेतृत्व में तैनात पुलिस बल के बीच ग्रामीणों व बिजली कर्मचारियों में बातचीत हुई, मगर समझौता नहीं हुआ।
दोनों ही पक्षों की ओर से लिखित शिकायत आई हुई है जिस पर संज्ञान लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वेदप्रकाश, थाना प्रभारी, कलायत।