ढांड। खेड़ी राय वाली के ग्रामीणों ने अपने आशियाने बचाने के लिए वीरवार को आसपास के 12 गांवों के ग्रामीणों को बुलाकर बैठक की। इसमें उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी सूरत में हम अपने आशियाने गिरने नहीं देंगे। इसके लिए चाहे उन्हें बड़ी से बड़ी कुर्बानी भी देनी पड़े, हम पीछे नही हटेंगे। दूसरी ओर नायब तहसीलदार ने कहा कि अवैध कब्जे हटाने के आदेशों का शुक्रवार को हर हाल में पालन किया जाएगा।
बैठक में ग्रामीण प्रेम, सूरजभान, सुच्चा, नफिया, नरेश, सोहन ने बताया कि उन्होंने 40 वर्षों से भी अधिक समय पहले पंचायती जमीन पर अपने मकान बनाए हुए हैं। इसमें उन्होंने अपने जीवन की कमाई मकानों पर खर्च की हुई है लेकिन जिला प्रशासन ने उन्हें नोटिस जारी करके मकान खाली करने को कहा है। इसके बाद जिला प्रशासन उनके मकानों को गिराने की कार्रवाई करेगा। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ तो उनके खेतों में बारिश के पानी से फसलें डूबकर खराब हो चुकी है। इसकी चिंता उन्हें सताए जा रही है, लेकिन अब जिला प्रशासन ने नोटिस जारी करके उनके आशियाने गिराए जाने की बात कही है, जोकि सरासर गलत है।
ग्रामीणों का यह भी कहना था कि पिछली पंचायत के कार्यकाल में ग्राम सभा की बैठक में प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। इसमें ग्रामीण उक्त पंचायती जमीन के बदले सरकारी रेट पर पैसे जमा करवाने के लिए तैयार है लेकिन प्रशासन की लापरवाही के चलते उक्त प्रस्ताव आज तक सिरे नहीं चढ़ पाया है। ग्रामीणों ने बताया कि बंदराना, जडौला, सोलु माजरा, टीक, बरोट, साकरा, क्योडक, ढांड सहित अनेक गांवों का उन्हें अपने आशियाने बचाने के लिए समर्थन मिल चुका है। हमारे आशियाने बचाने के लिए सभी पड़ोसी गांव प्रशासन के साथ आरपार की लड़ाई में हमारे साथ खड़े है।
उधर, नायब तहसीलदार ढांड गौरव शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट व एसडीएम कोर्ट के आदेश पर खेड़ी रायवाली में पंचायती जमीन खसरा नंबर 75, खसरा नंबर 32 का 25 व 34 का 17 से अवैध कब्जे हटाने के लिए आदेश आए हुए हैं। इनका हर हाल में पालन किया जाएगा। उन्होंने सख्ती से कहा कि पुलिस फोर्स के साथ शुक्रवार को कार्रवाई अमल मेंं लाई जाएगी।