कलायत। एक ही बारिश में गांव बालू पूरी तरह से जलमग्न हो गया। गांव की गलियों से पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं होने के कारण पानी पूरी तरह से सड़ चुका है। कीचड़ और दुर्गंध के साथ साथ मच्छरों ने भी गांव के लोगों का जीना हराम कर दिया। गुरुदेव बालू ने कहा कि बालू बिढैण पट्टी में तालाब के सौंदर्यीकरण के नाम पर खुला खेल खेला गया।
पांच एकड़ के तालाब की खुदाई से निकली मिट्टी को उसी में भर कर तालाब को तीन एकड़ का कर दिया गया। तालाब पूरी तरह से गंदे पानी से लबालब है और उसमें से भी पानी ओवर फ्लो होकर गलियों में जमा हो रहा है। गलियों में जमा गंदे पानी के कारण से लोगों को कहीं आने जाने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गंदगी के कारण से पैदा हुए मच्छर मक्खियों के कारण से संक्रामक रोग फैलने का अंदेशा बना है। उन्होंने कहा कि निकासी का कोई मार्ग न होने के कारण गलियों में जमा हुआ पानी केवल समय आने पर सूखेगा ही। इसके साथ अब होने वाली बरसात को लेकर भी गांव बालू के लोगों में भारी भय व्याप्त है। गुरुदेव ने कहा कि इस तालाब के सौंदर्यीकरण के नाम पर सरकार से करीब पांच करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि आई थी जिसे पूरी तरह से गोलमाल कर दिया गया। दो साल से न तो तालाब का सौंदर्यीकरण हुआ उल्टा उसका साइज भी छोटा कर दिया।
इस मामले को लेकर वे कई बार विधायक कमलेश ढांडा से मिले पर कोई सुनवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री के संज्ञान में भी मामला लाया गया पर स्थिति जस की तस बनी है। इस मामले को लेकर वे हाई कोर्ट में गए हैं और सुनवाई जारी है। बहरहाल गांव के लोगों की प्रशासन से मांग है कि बिढैण पट्टी की गलियों और तालाब में जमा गंदे पानी की निकासी करवाई जाए ताकि गांव के लोगों को राहत मिल सके।