कैथल। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में मंगलवार को पंचायत प्रतिनिधियों के लिए साक्षर भारत मिशन के तहत तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन खंड राजौंद व कैथल के पंच व सरपंच प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस मौके पर करीब 125 पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रशिक्षण शिविर में पंचायत प्रतिनिधियों को सीएम विंडो व आरटीआई के तहत दी जाने वाली शिकायतों व उनके जवाब देने बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की। इसके अलावा सरकार द्वारा गांव के अनपढ़ लोगों को शिक्षित करने की स्कीम व कैशलेस के बार में भी जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण शिविर में कुछ सरपंचों ने उनके समक्ष सूचनाओं व सीएम विंडो में दी जाने वाली शिकायतों पर अपने विचार भी रखे और ग्रामीणों द्वारा आरटीआई लगाने पर उनके समक्ष आने वाली समस्याओं का दुखड़ा भी रोया। गांव धुंध रेहड़ी की सरपंच कमलेश ने बताया कि कुछ ग्रामीण गांव में हो रहे विकास कार्यों में आरटीआई के माध्यम से गलत प्रयोग करके रोड़ा अटका रहे हैं। जिस गांव में पार्टीबाजी अधिक है, वहां सरपंचों को गांव के विकास के लिए ठीक ढंग से कार्य नहीं करने दिए जाते।
एक ओर तो सरकार साक्षर भारत मिशन के तहत पंचायत प्रतिनिधियों को गांव के लोगों को जागरूक करने की बात करती है। लेकिन दूसरी ओर कुछ गांवों में पार्टीबाजी के कारण पंच खुद ही सरपंचों की झूठी शिकायतें दे देते हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया जाना एक अच्छा कदम हैं। लेकिन साथ में अन्य पंच प्रतिनिधियों को भी सरपंच के साथ कंधे के कंधा मिलाकर कार्य करने की प्रेरणा देनी चाहिए।
गांव मालखेड़ी की सरपंच पूनम ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को साक्षर भारत मिशन के तहत प्रशिक्षण देने के लिए ऐसे आयोजन होना अति आवश्यक हैं। इससे पंचों व सरपंचों द्वारा किए जाने वाले विकास कार्यों को बल मिलेगा और उन्हें अपने अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी। ऐसे कार्यक्रमों से पारदर्शिता आएगी।
प्रशिक्षण शिविर में एमटी किताब सिंह, सरोज, सतबीर सिंह ने पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर सरपंच राजाराम, सरोज, मुकेश, पूनम सहित अन्य पंच प्रतिनिधि मौजूद रहे।