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लगातार पांचवीं बार गांव कौलेखां ने बनाई सर्वसम्मति से पंचायत

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49-कलायत। सज्जन सिंह - फोटो : Kaithal
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कलायत। लगातार पांचवीं बार गांव कौलेखां ने सरपंच पद पर गांव की सर्वसम्मति बना कर इतिहास रच दिया। समूचे गांव ने न केवल सरपंच बल्कि सभी 11 पंचों और ब्लॉक समिति मेंबर पर भी गांव की सर्वसम्मति बनाई। पूर्व सरपंच डॉ. कर्मबीर सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पिछली पांच प्लान से गांव में भाईचारे की पंचायत एक नाम पर सर्वसम्मति बनाती आ रही है। इस बार सज्जन सिंह के नाम पर गांव ने सरपंच पद के लिए सर्वसम्मति बनाई है। गांव के गणमान्य व्यक्तियों सहारण खाप प्रधान साधू राम, मास्टर राय सिंह, पूर्व सरपंच कर्मबीर सिंह, वेदपाल सिंह, प्रीतम सिंह, कृष्ण कुमार, राजपाल सिंह, मास्टर कर्मवीर सिंह, साधू राम प्रधान, जगदीश लेक्चरार, दल सिंह, वेदपाल, लीला राम आदी की मौजूदगी में गांव में लगातार बैठकों का दौर चला। मंगलवार देर सायं हुई गांव की महापंचायत ने सज्जन सिंह के नाम पर अपनी सहमति की मुहर लगा दी।
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साधू राम व राजपाल ने बताया कि गांव का इतिहास करीब 200 साल पुराना है। गांव में स्थित डेरा बाबा अमीनाथ की मान्यता पूरे उत्तर भारत में है। पूर्व सरपंच कर्मबीर सिंह ने बताया कि उनके कार्यकाल में गांव में करीब चार करोड़ रुपये के विकास कार्य हुए थे। गांव में ग्राम सचिवालय, सामुदायिक केंद्र, आंगनबाडी केंद्र, पेयजल संयंत्र, गांव की सभी गलियां व नालियां बनाई गईं। उन्होंने बताया की गांव कौलेखां में गंदे पानी की निकासी व प्रबंधन के लिए विशेष योजना बनाई गई थी।, जिससे गांव में पूरी तरह से सफाई है। गांव कौलेखां में शिक्षा का स्तर बहुत ऊंचा है जिसके कारण यहां के अनेक लोग जज, प्रशासनिक अधिकारी व सेना के उच्च पदों पर आसीन हैं। गांव का युवा वर्ग नशों से दूर है व खेलों की और अग्रसर है।
सज्जन सिंह ने कहा कि गांव ने जो जिम्मेेवारी उनको सौंपी है वे उसे पूरी निष्ठा से पूरा करेंगे। उनसे पूर्व सभी पंचायतों ने गांव में विकास का कोई भी कार्य अधूरा नहीं छोड़ा। इसके बावजूद गांव में युवाओं के लिए खेल स्टेडियम, जिम, लाइब्रेरी और स्कूल का विकास करवाना उनकी प्रमुखता रहेगी। सर्वहित को ध्यान में रख कर गांव का हर निर्णय लिया जाएगा। क्राइम मुक्त गांव की अवधारणा को और बल दिया जाएगा।
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