अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव करोड़ा में 23 जनवरी को हुई युवक की हत्या के मामले में एसपी से मिलने पहुंचे गांव के लोगों व एसपी में विवाद हो गया। एसपी कार्यालय के अंदर दोनों पक्षों के बीच जमकर कहासुनी हुई। बाद में लोग लघु सचिवालय में हंगामा करते हुए कार्यालय से नीचे उतर आए। लोगों का आरोप है कि एसपी ने उनकी सुनवाई नहीं की। वहीं एसपी का कहना है कि लोग कार्यालय में जबरन घुस आए। मामले की जांच डीएसपी को सौंपी गई है।
23 जनवरी को हुई विकास उर्फ काला की हत्या के मामले में अभी तक कोई कार्रवाई न होने पर गांव करोड़ा से काफी संख्या में लोग एसपी से मिलने सचिवालय पहुंचे थे। सुबह एसपी अपने स्टाफ की बैठक ले रहे थे। गांव के लोग करीब 20 मिनट तक एसपी कार्यालय के बाहर खड़े रहे। इसी दौरान एक कांग्रेसी नेता भी एसपी से मिलने पहुंचे और वे सीधे गेट खोलकर अंदर चले गए। इसी बात से गांव के लोग नाराज हो गए और एक व्यक्ति अंदर एसपी कार्यालय में चला गया। अंदर जाने के कुछ ही सेकेंड के बाद उस व्यक्ति ने सभी गांव वासियों को अंदर बुला लिया। अंदर जाते ही एसपी ने ग्रामीणों को ऐसे जबरदस्ती एवं दबाव बनाने का प्रयास नहीं करने की बात कही। इसी बीच दोनों तरफ से काफी कहासुनी हुई। रीडर व अन्य एक-दो पुलिसकर्मी ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास करते रहे। लेकिन कहासुनी जारी रही। ग्रामीण अपने साथ हुए दुर्व्यवहार की बात करते हुए कार्यालय से बाहर निकल आए।
हालांकि इसी दौरान डीएसपी सतीश गौतम भी मौके पर पहुंच गए थे। गौतम ने ग्रामीणों को करीब 30 मिनट तक मनाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण नहीं माने। विवाद होने पर बिना शिकायत एवं बातचीत किए हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गांव को लौट गए। ग्रामीणों ने कहा कि जो उनके साथ पुलिस अधिकारियों ने व्यवहार किया है। उस संदर्भ में पूरे गांव की पंचायत बुलाई जाएगी और उसमें निर्णय लिया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि मांगें पूरी ना होने पर 16 फरवरी को वे सचिवालय में धरने देंगे।
दूसरी ओर एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच डीएसपी कर रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर जांच अधिकारी डीएसपी को बुुलाया था। डीएसपी के आने के बाद ही दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर जानकारी ली जाती। लेकिन डीएसपी के आने से पहले ही ग्रामीण अंदर घुस आए। हत्या के मामले में जांच की जा रही है। दोषी को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।