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Kaithal News: यूट्यूब और गूगल पर उपलब्ध वीडियो से इलाज बन सकता है परेशानी

Fri, 20 Feb 2026 03:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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कैथल।
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इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच अब लोग छोटी-मोटी बीमारियों में डॉक्टर के पास जाने के बजाय खुद ही इलाज करने लगे हैं। यूट्यूब और गूगल पर उपलब्ध वीडियो और लेखों को देखकर दवाइयों का सेवन करना आम होता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह लापरवाही भविष्य में गंभीर परिणाम दे सकती है। खासतौर पर एंटीबायोटिक और स्टेरॉयड जैसी दवाओं का बिना परामर्श सेवन शरीर पर बुरा असर डाल रहा है।
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डाॅ. अमरिंद्र ने बताया कि किसी भी बीमारी के इलाज से पहले डॉक्टर मरीज की पूरी जांच करता है। मरीज की उम्र, वजन, एलर्जी, पूर्व रोग और अन्य दवाओं की जानकारी लेकर ही उचित दवा दी जाती है। लेकिन कई लोग इंटरनेट पर दो मिनट का वीडियो देखकर स्वयं ही दवा लेना शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा कि एंटीबायोटिक दवाओं का गलत या अधूरा सेवन करने से शरीर में दवा के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है। इससे भविष्य में वही दवा असर नहीं करती और गंभीर संक्रमण की स्थिति में इलाज मुश्किल हो जाता है। उन्होंने बताया कि स्टेरॉयड का बिना जरूरत इस्तेमाल करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ सकती है। इसके अलावा शुगर लेवल बढ़ना, वजन बढ़ना, त्वचा संबंधी समस्याएं और हार्मोनल असंतुलन जैसे दुष्प्रभाव सामने आ रहें हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की दवा लेने से पहले चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।
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बॉक्स
-केस 1
कागंथली निवासी सविता ने बताया कि उसके बच्चे को एलर्जी की शिकायत थी। उसने डॉक्टर से सलाह लेने की बजाय मेडिकल स्टोर से दवा खरीद ली। दवा लेने के बाद बच्चे के शरीर पर और अधिक एलर्जी हो गई। हालत बिगड़ने पर उसे डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा, जहां चिकित्सकों ने बताया कि गलत दवा के कारण प्रतिक्रिया बढ़ गई थी।
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केस 2
पूंडरी निवासी हिमांशु ने बताया कि उसने गूगल पर सर्च कर बुखार की दवा ले ली थी। दवा लेने के बाद उसे शरीर में कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत हो गई। बाद में डॉक्टर से परामर्श लेने पर पता चला कि दवा उसकी शारीरिक स्थिति के अनुसार सही नहीं थी।
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