कैथल। बेटियों की उपलब्धियों और प्रेरणादायक संघर्ष को जन-जन तक पहुंचाने व लिंगानुपात में सुधार के उद्देश्य से डीसी अपराजिता की ओर से शुरू की गई प्यारी बेटी मुहिम के तहत विशेष वीडियो लॉन्च किया गया है।
डीसी ने कहा कि कैथल की बेटियों और महिलाओं ने शिक्षा, खेल और आर्थिक आत्मनिर्भरता सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उनकी सफलता दूसरी बेटियों के लिए प्रेरणा है। जब एक बेटी आगे बढ़ती है, तो उसके साथ पूरा परिवार और समाज प्रगति करता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बेटियों की रुचि और प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें अपने सपनों को साकार करने का अवसर दें। प्यारी बेटी मुहिम का उद्देश्य ऐसे ही सफल महिलाओं और बेटियों की कहानियों को सामने लाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है।
यह पहल न केवल बेटियों को अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित कर रही है बल्कि अभिभावकों और समाज को भी यह संदेश दे रही है कि बेटियों को अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं। कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन डाॅ. रेणु चावला, डीडीपीओ रितु लाठर, डाॅ. सचिन मांडले और एआईपीआरओ अमित कौशिक मौजूद रहे।
बेटियों को बनाया जा रहा रोल मॉडल
सिविल सर्जन डॉ. रेणू चावला ने बताया कि डीसी अपराजिता के मार्गदर्शन में प्यारी बेटी मुहिम चलाई जा रही है। पहले चरण में 20 गांवों का चयन किया गया है। इसमें 10 अच्छे लिंगानुपात और 10 कम लिंगानुपात वाले गांव शामिल हैं। इस मुहिम के तहत गांवों की उन बेटियों को रोल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिन्होंने शिक्षा, खेल और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। इन बेटियों की सफलता की कहानियों के माध्यम से अन्य लड़कियों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस मुहिम के प्रयासों से जिले का लिंगानुपात 895 से बढ़कर 910 हो गया है।
मंजू गुप्ता और आशा सैनी ने खेलों में बनाई पहचान
वीडियो में पावर लिफ्टिंग के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करने वाली अंग्रेजी भाषा की प्रोफेसर मंजू गुप्ता की सफलता को भी दर्शाया गया है। उन्होंने वर्ष 2023 में पावर लिफ्टिंग की शुरुआत की और लगातार तीन वर्षों से स्टेट ओपन प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। इसके अलावा इंदौर और फरीदाबाद में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेंच प्रेस और कुरुक्षेत्र में आयोजित सिविल सर्विसेज गेम्स में कांस्य पदक जीतकर प्रतिभा का परिचय दिया है। कृषि विभाग में लैब अटेंडेंट के पद पर कार्यरत आशा सैनी ने वर्ष 2014 में खेलों की शुरुआत की। उन्होंने ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज नेशनल प्रतियोगिता में कांस्य पदक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया। वीडियो में गांव बालू की बबीता देवी की कहानी भी शामिल है, उन्होंने एक सामान्य गृहिणी से आगे बढ़कर डिजिटल लेनदेन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद गांव में ही ऑनलाइन लेनदेन का कार्य शुरू किया।
जिले की रोल माडल बेटियों के साथ डीसी व अन्य। प्रवक्ता