वाहनों की पासिंग करवाते समय जबरन लगवाए जा रहे ऑटो डिपर की 4 से 5 हजार रुपये कीमत को लेकर वाहन चालक भड़क उठे। वाहन चालकों ने इस डिपर को लगवाए जाने का विरोध करते हुए बुधवार दोपहर हिसार-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक लगे जाम के कारण वाहन चालकों व वाहनों में सवार लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाद में डीएसपी के आश्वासन पर लोगों ने जाम खोला।
मंगलवार को पॉसिंग ऑर्डर लेने के बाद जिलेभर से करीब 300 वाहन चालक सुबह सेक्टर-18 में वाहनों की पॉसिंग के लिए पहुंच गए। मौके पर मौजूद मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर ने वाहन चालकों को सूचना दी कि वाहनों में ऑटो डिपर लगेगा, जिसकी राशि करीब 5000 रुपये है। इस बात पर वाहन चालक भड़क उठे और उन्होंने कहा कि उनको पहले इस तरह की कोई सूचना नहीं दी गई थी। नोट बंदी के कारण बैंकों से उन्हें मुश्किल से दो हजार रुपये मिलते हैं, ऐसे में एकदम से वह 5000 रुपये कैसे लेकर आए। अगर वाहनों की पॉसिंग नहीं हुई तो उनका काम धंधा एक सप्ताह के लिए चौपट हो जाएगा। वाहन चालकों ने बताया कि पिछले वर्ष उनके वाहनों पर स्पीड गवर्नर लगाए गए थे। जिसकी कीमत करीब 9000 रुपये थी। जिसका वाहनों पर को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। वाहनों पर केवल स्पीड गर्वनर को लटका दिया गया है। पॉसिंग के समय स्पीड गवर्नर को पूछा तक नहीं जाता है कि वह काम कर रहा है या नहीं। इसके अलावा अब ऑटो डिपर लगाने का फैसला थोपा जा रहा है।
वाहन चालकों द्वारा लगाए गए जाम के कारण नेशनल हाईवे के दोनों ओर करीब दो-दो किलोमीटर तक वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। मौके पर डीएसपी तरूण कुमार, एसएचओ अशोक कुमार ने वाहन चालकों को समझाने का प्रयास किया। बाद में अधिकारियों ने वाहन चालकों को एक सप्ताह का समय देकर जाम खुलवाया। उन्होंने वाहन चालकों को बताया कि यह सब सरकार के आदेशों पर हो रहा है। प्रदेश के सभी वाहनों पर ऑटो डिपर लगने के आदेश जारी किए गए हैं।
बैकों से मिलते हैं 2000 तो कैसे लगवाएं 4000 हजार से ज्यादा की नकदी
वाहन चालकों ने बताया कि बैंकों से उनको 2000 रुपये मिल रहे हैं, ऐसे में 4500 रुपये का ऑटो डिपर कैसे लगवाएं। वह भी किसी बिना किसी नोटिस के। उन्होंने बताया कि यह मनमाना फैसला है। जिसको जबरदस्ती थोपा जा रहा है।
नेशनल हाईवे जाम होने से यात्री परेशान
करीब एक घंटे तक हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे जाम होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम के कारण अपने निश्चित स्थानों तक पहुंचने में लोगों को करीब एक घंटे की देरी का सामना करना पड़ा।
शहर थाना इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने बताया कि वाहन चालकों ने बताया कि ऑटो डिपर लगाने के लिए उनको समय नहीं दिया गया है। उन्हें एक सप्ताह का समय दिया है। यह प्रदेश में सभी वाहनों पर लगाने के आदेश हैं।
वहीं आरटीए एवं कलायत के एसडीएम ओमप्रकाश ने बताया कि विभाग के कमिश्नर के आदेशों पर प्रदेश भर में ऑटो डिपर लगाने के आदेश जारी किए गए हैं। ये आदेश 15 दिसंबर को आ चुके है। पांच कंपनियों को इसके लिए अधिकृत किया गया है। इसकी कीमत करीब 4300 रुपये बनती है। इन पांचों कंपनियों में से किसी से भी डिपर लगवाया जा सकता है।