कैथल। थोक के भाव में सब्जियां सस्ती हो गई है। ऐसे में जहां आमजन को राहत मिली है तो वहीं किसानों को मंदी की मार झेलनी पड़ रही है। सब्जी मंडी में गाजर व आलू आठ रुपये किलो मिल रहा है तो गोभी भी तीन रुपये प्रति किलो मिल रही है। वहीं, 30 रुपये किलो प्याज और मटर व खीरा भी 10 रुपये प्रति किलो हो चुका है। सब्जियों के सस्ता होने से किसान परेशान हैं। बता दें कि स्थानीय स्तर पर सब्जियों की अधिकता के चलते यह सब्जियां सस्ती हुई हैं। सब्जी मंडी में स्थानीय सब्जियों की आवक के बाद थाली में सब्जियां दिखने लगी हैं। इससे मंडियों में भी सब्जियों के दामों में गिरावट आने से आम आदमी राहत महसूस कर रहा है।
स्थिति यह है कि एक सप्ताह में सब्जियों के दामों में 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है। मेथी, मूली, बैंगन, टमाटर, पालक, गाजर, फूल गोभी, बंद गोभी, मटर की कुछ समय पहले ही स्थानीय आवक शुरू हुई है। इससे पहले सभी सब्जियों के दाम 40 से 80 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। वह फिलहाल 10 से 30 रुपये के बीच बिकना शुरू हो गई है। भरपूर मात्रा में स्थानीय आवक होने से इन दिनों सब्जियों के दाम कम हुए हैं, जिससे रसोई का बजट कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
दाम ज्यादा होने से थी दिक्कतें-
सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान विरेंद्र सतीजा ने बताया कि कैथल सब्जी की थोक मंडी है। क्षेत्र के किसान अपनी सब्जियां कैथल मंडी में बेचते हैं। यहां से आसपास के गांव के फुटकर सब्जी विक्रेता बेचने के लिए सब्जी ले जाते हैं और गांव गांव व कॉलोनियों में सब्जियां बेचते हैं। अभी तक दाम ज्यादा होने से ग्राहकों को दिक्कतें होती थीं, लेकिन अब दाम गिरने से लोग भरपूर सब्जियां खरीद रहे हैं।
थोक व परचून के भाव इस प्रकार है -
सब्जी थोक फुटकर
मूली 05 10
गाजर 08 15
मटर 15 25
टमाटर 15 20
पत्ता गोभी 02 08
गोभी 03 10
नया आलू 03 10
प्याज 20 30
शिमला मिर्च 20 25
धनिया 03 10
बैंगन 12 20
हरी मिर्च 35 45