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कौन कहां से ला रहा सब्जी, थरला स्केंनिंग से होगी जांच

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कैथल। लगातार दूसरे दिन वीरवार को मार्कट कमेटी में जगह को लेकर विवाद हुआ। मार्केट बोर्ड के अधिकारियों ने वीरवार को सब्जी में आढ़तियों के लाईसेसों की जांच की। जिसमें आढ़तियों को सोशल डिस्टेंस बनाकर माल खरीद सकेंगे। वहीं मासाखोर सब्जी मंडी में सब्जी नहीं बेच सकेंगे। सब्जी के अंदर 36 और बाहर 15 लाइसेेंसो की जांच की। बुधवार को हुए आढ़तियों व मांसाखोरों के विवाद के बीच वीरवार को भी आढ़तियों और मासाखोरों का आपस में हो विवाद हो गया। जो लोगों द्वारा समझाए जाने के बाद शांत हुआ। मांसाखोर मंडी में गैर जगहों पर फड़ी लगाकर सामान बेचते है। जिसके विरोध में वीरवार सुबह जमकर हंगामा हुआ। एक दुकानदार ने नाम न छापने पर बताया कि मासाखोर आढ़तियों को 15 हजार प्रति महीना के हिसाब से पैसे देते थे। जिससे मासाखोर आढ़तियों की दुकानों के आगे सामान रखकर धड़ल्ले से बेचते थे। लेकिन पिछले एक साल से मांसाखोरों द्वारा पैसे देना बंद हो रहा है। जिससे इतना बड़ा विवाद हो रहा है। अंदर और बाहर 51 दुकानदारों के  पास है लाइसेंस:-विभागीय रिकॉर्ड अनुसार सब्जी मंडी में 36 अंदर और 15 बाहर लाइसेंस है। लेकिन सामान्य दिनों में मंडी में कई गुना भीड़  जमा होती है। जो कि गैर मान्यता लाइसेंस प्राप्त दुकानदारों का कारण बताया जा रहा है। मार्केट बोर्ड के अतिरिक्त सचिव अरविंद कुमार ने बताया कि प्रशासन की मीटिंग के बाद एसडीएम के निर्देशों के बाद सब्जी मंडी का निरीक्षण किया गया। जिसमें दुकानदारों के लाइसेंसों की जंाच की गई। उन्होंने बताया कि मंडी खुलने के दौरान माल की थरला स्केंनिंग होगी। जिसमें ये पता लगाया जाएगा कि कौन दुकानदार कहां से माल लेकर आ रहा है। वहीं प्रशासन की हिदायतों की पालना करने की अपील की गई। इस अवसर पर मार्केट बोर्ड के अतिरिक्त सचिव अरविंद कुमार, जेई धर्मपाल, ड्राईवर होशियार सिंह मौजूद रहे।
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