संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले की बेटी वर्षा ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत इरादे, परिवार का साथ और निरंतर मेहनत किसी भी मंजिल को हासिल करने की ताकत देते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीत चुकी वर्षा इन दिनों सितंबर में होने वाली इंटर रेलवे एथलेटिक्स प्रतियोगिता की तैयारी में पूरी लगन और मेहनत से जुटी हुई हैं। वर्तमान में वह उत्तरी रेलवे के अंबाला मंडल में सीनियर क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं।
वर्षा ने बताया कि उन्होंने 16 वर्ष की उम्र में एथलेटिक्स की दुनिया में कदम रखा था। उस समय खेलों में कॅरिअर बनाना आसान नहीं था। समाज के कई लोग उनके परिवार को बेटी की शादी करने की सलाह देते थे, लेकिन उनके माता-पिता ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया और खेल के प्रति जुनून बनाए रखा।
उन्होंने बताया कि लगातार आठ वर्षों तक कठिन परिस्थितियों में अभ्यास जारी रखा। उनकी मेहनत का ही परिणाम रहा कि उन्हें उत्तरी रेलवे के अंबाला डिवीजन में नौकरी मिली। वर्षा ने ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता की 5 किलोमीटर दौड़ और क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल किया। वहीं रेलवे प्रतियोगिताओं में लगातार चार वर्षों तक स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
वर्षा ने बताया कि शादी और बेटी के जन्म के बाद कुछ समय के लिए उन्हें खेलों से दूरी बनानी पड़ी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अब वह एक बार फिर उसी जुनून और आत्मविश्वास के साथ मैदान में वापसी कर चुकी हैं।
31 वर्षीय वर्षा रोजाना सुबह और शाम दो-दो घंटे अभ्यास करती हैं। वह सप्ताह में पांच दिन अंबाला और दो दिन चीका में प्रशिक्षण लेती हैं। उनके पति अमन, जो आईटीबीपी में कार्यरत हैं और स्वयं खिलाड़ी भी हैं, उनका पूरा सहयोग करते हैं। वर्षा का कहना है कि खेल में सफलता के लिए अनुशासन, धैर्य और निरंतर अभ्यास सबसे जरूरी है। उनका लक्ष्य इंटर रेलवे एथलेटिक्स प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करना है।