संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। खेलों के क्षेत्र में जिले के युवा खिलाड़ी लगातार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। पूंडरी में प्रशिक्षण ले रहे 15 वर्षीय वॉलीबॉल खिलाड़ी वंश रोजेरा ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर कम उम्र में ही अलग पहचान बना ली है। स्कूली स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाले वंश आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
वंश रोजाना सुबह और शाम दोनों समय मैदान में अभ्यास करते हैं। वह प्रतिदिन सुबह तीन घंटे और शाम को भी तीन घंटे तक कड़ी मेहनत करते हैं। उनका मानना है कि खेल में आगे बढ़ने के लिए निरंतर अभ्यास और अनुशासन सबसे जरूरी है, और इसी सिद्धांत को अपनाकर वे अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।
वंश अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच करमवीर गोलन को देते हैं। उनके मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी तकनीक और खेल कौशल को निखारा है। कोच करमवीर गोलन का कहना है कि वंश एक मेहनती और प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और यदि वे इसी तरह अभ्यास करते रहे तो भविष्य में बड़े स्तर पर सफलता हासिल कर सकते हैं।
वंश के पिता संदीप सिंह किसान हैं, जो उन्हें हर प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। वंश इस समय पूंडरी में रहकर प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें बचपन से ही खेलों में रुचि रही है और करीब 10 वर्ष की उम्र से वह नियमित अभ्यास कर रहे हैं। वर्तमान में वह अपने खेल को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उनका सपना भारतीय टीम में शामिल होकर देश के लिए पदक जीतना है।
वंश की उपलब्धियां
स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया 2023-24 में अंडर-14 वर्ग में रजत पदक प्राप्त किया।
स्कूल गेम्स स्टेट प्रतियोगिता 2024-25 में अंडर-14 वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया।
वर्ष 2025-26 में सब-जूनियर फेडरेशन नेशनल गेम्स में प्रतिभाग किया।
19 मैदान में वॉलीबॉल खेलता वंश रोजेरा