कैथल। डॉ. भीम राव आंबेडकर महाविद्यालय में मेधा फाउंडेशन के सहयोग से दो दिवसीय फैकल्टी डेवलेपमेंट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दूसरे दिन पहले सत्र में डॉ. शब्दा बी बेदी ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में बेहतर शिक्षण के लिए परंपरागत शिक्षण के बजाय प्रगतिशील शिक्षण के लिए उच्च शिक्षा विभाग में अनुभवात्मक शिक्षण शैली का प्रयोग किया जा सकता है। अनुभवात्मक शिक्षण के आवश्यक घटकों जैसे ज्ञान, सामग्री संगठन, सामाजिक वातावरण, शिक्षक की भूमिका, शिक्षार्थी की तैयारी, अनुभव, सीखने के परिणाम को रोचक गतिविधियां से समझाया।
दूसरे सेशन के मुख्य वक्ता सजल मिश्रा रहे, जिनके व्याख्यान का विषय नेटवर्किंग, शैक्षणिक दस्तावेज ,डिजाइन और छात्र सहभागिता के लिए तकनीकी उपकरण रहा। मिश्रा ने बताया कि शैक्षणिक दस्तावेज़ को तैयार करने के लिए हम मेंंटीमीटर, कहूत,स्लाइडों जैसे टूल्स का उपयोग किया जा सकता है।सर्वे के लिए हम गूगल फॉर्म, सर्वे मंकी का इस्तेमाल कर सकते है। व्यावसायिक सहभागिता लिंक्ड इन, रिसर्च गेट तथा गूगल ग्रुप के माध्यम से कर सकते है। अपने वक्तव्य में उन्होंने चैट जीपीट, ग्रैमरली, क़िलबॉट, ओटर आई, पीडीफ़ एआई के बारे में बताया। समापन वक्तव्य में सजल ने बताया कि मेधा फाउंडेशन का उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा के साथ समझौता ज्ञापन के तहत इस प्रोग्राम का आयोजन करवाया गया है तथा उच्च शिक्षा में उन्होंने अपने आगामी भविष्य के बारे में बताया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार भांबू ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए में मेधा फाउंडेशन के समन्वयक पंकज कोहली व वक्ता डॉ. शब्दा बेदी एवं सजल मिश्रा का धन्यवाद किया।