कैथल। चीनी शुगर मिल की ओर से सारण गांव में मंगलवार को एकीकृत हानिकारक गन्ना कीट प्रबंधन गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें कृषि विभाग से डॉ. मुकेश ने उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए फेरामोन ट्रैप से चोटी भेदक कीट पर नियंत्रण करने की विधि विस्तारपूर्वक बताई। इसे गंधपाश के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने बताया कि इसमें मादा कीटों की गंध को एक कैप्सूल में रखा जाता है, जिससे नर कीट आकर्षित होकर किसान के जाल में फंस जाते हैं। इनकी संख्या नियंत्रित रहने से किसान की फसल को नुकसान नहीं होता है और फसल बचाने में हजारों रुपये खर्च नहीं करने पड़ते।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार फेरामोन ट्रैप से कीट पर नियंत्रण और निगरानी दोनों हो सकते हैं। ये एक बहुत सस्ता यंत्र है। जो किसी भी खाद और बीज की दुकान से खरीदा जा सकता है। इस मौके पर मिल के गन्ना प्रबंधक रामपाल सिंह ने कहा कि फेरोमोन मादा कीटों से मिलती-जुलती गंध होती है, जिसे कैप्सूल आकार की संरचना में भरकर कीट पकड़ने का ट्रैप यंत्र तैयार किया जाता है। कैप्सूल आकार की इस संरचना की ल्योर भी कहते हैं। ल्योर लगे यंत्र में नीचे एक प्लास्टिक बैग बांध देते हैं, जिससे आसपास के नर कीट इसकी गंध से आकर फंसते हैं। मिल के गन्ना विपणन अधिकारी देशराज, सुभाष शर्मा, दिनेश शर्मा व राजबीर सहित अन्य किसान भी उपस्थित रहे।