कैथल। सनातन धर्म मंदिर में रविवार को अग्रवाल युवा सभा के प्रधान पद के चुनाव की बैठक आयोजित की। इस बैठक में प्रधान पद का चुनाव नहीं हो पाया। प्रधान पद के उम्मीदवार रामकुमार बंसल ने जब बैठक को संबोधित करना था तो उस समय माइक बंद हो गया। इस पर हंगामा शुरू हो गया।
बंसल ने आरोप लगाया कि उन्हें बोलने न देने के उद्देश्य से ही माइक बंद किया गया है। हंगामे शुरू होने के बाद हाथापाई तक की नौबत आ गई। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक दोनों ही गुट के पक्ष के लोगों में जमकर बहस भी हुई। इसके बाद एक गुट ने अपना ही प्रधान बना दिया। इसमें रामकुमार बंसल को प्रधान बनाया गया।
दूसरे गुट के लोगों का कहना था कि वे चुनावी प्रक्रिया के तहत अपना प्रधान चुनेंगे। पूर्व प्रधान अशोक बंसल ने कहा कि प्रधान पद का चुनाव मतदान से होगा। इसके तहत सोमवार शाम पांच बजे तक नामांकन लिए जाएंगे। इसके बाद जो उम्मीदवार मैदान में होगा। इसके बाद चुनाव की तिथि निर्धारित कर मतदान करवाया जाएगा।
बैठक की शुरूआत दोपहर करीब साढ़े तीन बजे शुरू हुई। सबसे पहले प्रधान अशोक गोयल ने लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। इसके बाद उन्होंने प्रधान पद से अपना इस्तीफा दे दिया। चुनाव प्रक्रिया के लिए मुकेश जैन को पर्यवेक्षक नियुक्त किया। इसके बाद समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने अपने-अपने विचार रखे।
कालू शोरेवाला, श्रवण गोयल, नवनीत गोयल, अनिल चौधरी, प्रवीन चौधरी, धर्मबीर कैमिस्ट, अनिल जिंदल, अजय गर्ग, भाजपा नेता सुरेश गर्ग नौच, रविभूषण गर्ग ने लोगों को संबोधित किया। इसी बीच जब रामकुमार बंसल बोलने लगे तो माइक बंद कर दिया। इसी बात को लेकर काफी देर तक हंगामा हुआ। संचालन प्रयाग राज बालू ने किया।
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चुनाव करवाने पर सहमति बनी : गोयल
पूर्व प्रधान अशोक गोयल ने कहा कि बैठक में चुनाव करवाने पर सहमति बनी है। इसके तहत सोमवार शाम पांच बजे कोई भी प्रधान पद का इच्छुक उम्मीदवार अपना नामांकन शाम पांच बजे तक कर सकता है। नामांकन आने के बाद ही चुनाव की तिथि की घोषणा की जाएगी। अग्रवाल युवा सभा के सदस्यों ने अभी तक सर्वसम्मति से कोई प्रधान नहीं बनाया है।
बंसल बोले, मैं हूं प्रधान
वहीं एक गुट की तरफ से बनाए गए प्रधान रामकुमार बंसल ने कहा कि समाज ने उन्हें प्रधान नियुक्त किया है। वे एक-दो दिन में कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। महाराजा अग्रसेन जयंती के कार्यक्रम को भव्य ढंग से मनाया जाएगा। सभी कमियों को भी दूर कर दिया जाएगा। उनकी टक्कर में प्रधान पद के लिए किसी उम्मीदवार ने नामांकन नहीं किया है। इसलिए वे ही प्रधान हैं।