संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पंजाब बॉर्डर पर टटियाना से नौच गांव से पिहोवा की तरफ जा रही हांसी बुटाना नहर की पटरी पर कच्चे रास्ते व गहरे गड्ढे इस बस हादसे का कारण बने हैं। इसके साथ ही नहर किनारे लोहे की रेलिंग न होना भी हादसे का प्रमुख कारण रहा। इस हादसे के बाद घायल होने वाले बच्चों में काफी भय का माहौल बना और व सहमे हुए दिखाई दिए। पांचवीं कक्षा के छात्र 11 वर्षीय हरकिरत ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ तो ऐसा लगा कि जैसे भूकंप आया हो। जैसे ही बस पलटी तो सभी घबरा गए और चीख-पुकार मच गई थी। इसके बाद वहां से गुजर रहे लोगों ने उन्हें बचाया।
गौरतलब है कि इससे पहले भी जिले में नहर में गिरी कार के हादसे ने पूरे देश के लोगों को झकझोरा था। यह हादसा चार महीने पहले ही मूंदड़ी गांव में सिरसा ब्रांच की पटरी रेलिंग न होने के कारण हुआ था। इसमें एक ऑल्टो कार नहर में गिर गई थी। इस हादसे में डीग गांव के एक ही परिवार के आठ लोगों की जान गई थी। इसमें तीन बच्चे भी शामिल थे। इस हादसे पर स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया था। इसके बावजूद संबंधित विभाग ने कोई सबक नहीं लिया।
अब नौच गांव में हुए निजी स्कूल बस हादसे की घटना के बाद अभिभावकों ने जिला प्रशासन के खिलाफ अपना रोष जताया है। नाराज अभिभावकों का कहना है कि पिछले कई सालों से इस सड़क को पक्का करने की न तो किसी नेता ने जहमत उठाई है और न ही जिला प्रशासन ने। रोष जताते हुए अभिभावकों ने कहा कि इस सड़क पर चार पहिया ही नहीं, बल्कि दो पहिया वाहन चालक भी चोटिल होते हैं। मांग करते हुए कहा कि नहर के दोनों किनारों पर दीवारें बनाई जाएं।
अभिभावक बोले ः अभिभावक हरविंद्र सिंह ने बताया कि हांसी बूटाना नहर की पटरी पर बना रास्ता पूरी तरह से कच्चा है। इस रास्ते पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हैं। बताया कि यह नहर करीब 15 साल पहले बनाई गई थी। इसके बाद अब तक इस रास्ते को पक्का करने की किसी भी ने जहमत नहीं उठाई है। इसके साथ ही नहर की पटरी पर नहर किनारे रेलिंग भी नहीं लगाई गई है। इससे हर समय हादसों का भय बना रहता है। संबंधित विभाग को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। नहीं तो ऐसे ही हादसे होते रहेंगे।
वहीं, आप बीती बताते हुए नौच गांव के निवासी चालक मंगा राम ने बताया कि सुबह करीब आठ बजे वह गांव से स्कूल के बच्चे लेकर पिहोवा की तरफ जा रहा था। उस समय स्टेयरिंग में तकनीकी कमी आने के कारण यह कंट्रोल से बाहर हो गया। इस कारण यह बस नहर में गिर गई। बताया कि उसने नहर में बस को गिरने से बचाने के लिए काफी प्रयास किया, लेकिन स्टेयरिंग में कमी आने के कारण ऐसा नहीं हो पाया। उसने बताया कि हादसे के समय बस की गति कम होने और नहर सूखी होने से बस में सवार बच्चों समेत उनकी जान बच गई।
शाह के अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि बस के नहर में गिरने के हादसे के बाद चालक व परिचालक सहित कुल नौ घायल आए थे। इसमें चालक व परिचालक और पांच बच्चों को अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। अन्य तीन बच्चाें को प्राथमिक उपचार देने के बाद वापस भेज दिया गया है। इसमें से केवल एक ही बच्चे को अधिक चोट हैं। उसके मुंह पर दो टांके आए हैं।
नौच के पास हांसी बूटाना नहर में स्कूल बस पलटने से जो हादसा हुआ है, इस घटना ने हर किसी के दिल को झकझोर कर रख दिया है। घायल हुए बस चालक, परिचालक और बच्चों के अति शीघ्र स्वस्थ होने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। इस संदर्भ में कैथल की डीसी बात की है कि नहर के दोनों तरफ रेलिंग बनाए जाएं, ताकि इस तरह की दुर्घटना न हो।
-आदित्य सुरजेवाला, विधायक, कैथल।