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महर्षि वाल्मीकि विवि के आधे भाग को जटहेड़ी में शिफ्ट करने पर भड़के गांव मूंदड़ी के लोग

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university - फोटो : Kaithal
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गांव मूंदड़ी में निर्माणाधीन महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के लिए गांव जटहेड़ी में 53 एकड़ जमीन स्वीकृत होने का गांववासियों ने विरोध किया है। काफी संख्या में लोग रविवार को विधायक लीला राम से मिलने पहुंचे और इस फैसले को वापस लेने की मांग की। लोगों ने कहा कि सरकार यदि कलेक्टर रेट पर जटहेड़ी में जमीन खरीद सकती है तो उनके गांव में क्यों नहीं। विधायक ने लोगों को आश्वासन दिया है कि वे उनके साथ हैं और हर संभव प्रयास होगा कि विश्वविद्यालय का कोई हिस्सा गांव से बाहर न जाए। वहीं वीसी ने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए करीब सौ एकड़ जमीन ओर चाहिए। यदि गांव मूंदड़ी में ही मिल जाती है तो अच्छी बात है।
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विधायक से मिलने पहुंचे गांव वासी अनिल कुमार, सौरव, कुलदीप सिंह, अजय कुमार, मुकेश कुमार, रामपाल, हाकम सिंह, प्रदीप कुमार, विक्रम सिंह, अशोक कुमार, सतीश कुमार, महेंद्र हंस, महेंद्र सिंह सहित अन्य ने कहा कि उन्हें पता चला है कि गांव जटहेड़ी में विश्वविद्यालय के लिए जमीन खरीदी जा रही है। यदि जमीन खरीदनी ही है तो सरकार उनके गांव में ही क्यों नहीं खरीदती? जमीन बाहर लिए जाने से उनका नुकसान होगा। उन्हें कहा जा रहा है कि यहां केवल फैकल्टी रहेगी। कक्षाएं जटहेड़ी में लगेंगी। जो उनके गांव से दस किलोमीटर दूर है। यह गलत फैसला है। गांव वासी इसका विरोध करते हैं। उन्हें इसके लिए कितना ही संघर्ष करना पड़े, वे संघर्ष करेंगे। लोगों ने विश्वविद्यालय के वीसी पर भी आरोप लगाए और कहा कि वीसी ही जमीन दिलवा रहे हैं। यहां नौकरियों में, फर्नीचर खरीद में भारी गड़बड़ की जा रही है।
विधायक से मिलने के लिए गांव के लोगों ने जमकर रोष जताया। उनके स्टॉफ ने विधायक के बीमार होने व बोलने में तकलीफ होने की भी जानकारी दी। लेकिन गांव के लोग विधायक से मिलने की मांग पर अड़े रहे और जमकर रोष जताया। बाद में गांव के आधा दर्जन मौजिज लोगों ने अंदर जाकर विधायक के अधिकृत स्टॉफ से मुलाकात की। उन्हें कहा गया कि विधायक मुख्यमंत्री से मिलवाने के लिए भी लेकर जाएंगे और उनके हर स्तर पर साथ हैं।
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विधायक के पीए रामकुमार नैन ने कहा कि विधायक के बीमार होने के कारण वे बाहर हैं। लेकिन इस मामले में विधायक गांव के लोगों के साथ हैं। गांव के एक प्रतिनिधिमंडल को लेकर सीएम मनोहर लाल से मुलाकात की जाएगी और गांव की मांग उनके सामने रखी जाएगी।
वहीं वीसी श्रेयांश द्विवेदी ने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए 20 एकड़ कम है। करीब 100 एकड़ जमीन चाहिए। यह हरियाणा के किसी भी कोने में मिल जाए। वे 4 साल से प्रयास कर रहे हैं कि फ्रंट के 4 एकड़ मिल जाएं, लेकिन आज तक गांव के लोग यह भी नहीं दे पाए। यदि गांव के लोग तैयार हैं तो वे 100 एकड़ इसी गांव में लेने को तैयार हैं। जटहेड़ी में जमीन मिलने के बाद भी आयुर्वेद व वेद की पढ़ाई मूंदड़ी में ही प्रस्तावित है। रही बात फर्नीचर व कर्मचारी भर्ती में गड़बड़ी की, यह सब मिथ्या हैं। 50 कर्मचारी हैं और इस समय भी करीब 225 विद्यार्थियों की फीस जमा हो चुकी है। 300 विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर खरीदा गया है। गांव मूंदड़ी विश्वविद्यालय का बेस है। इसी आधार पर आगे बढ़ रहे हैं। शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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