- ऊर्जा मंत्री से नहीं हो पाई बेरोजगार तकनीकी युवाओं की मुलाकात, बिना ज्ञापन दिए लौटे
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। हरियाणा के बिजली निगमों में नियमित भर्ती की मांग के लिए शनिवार को अंबाला पहुंचे बेरोजगार युवाओं को निराशा हाथ लगी। वह प्रदेश के बिजली मंत्री अनिल विज से मुलाकात नहीं कर सके। तकनीकी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा बिजली मंत्री को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने आए थे। इसके बाद सभी युवा बिना ज्ञापन सौंपे लौट गए।
बिना लिखित आदेश पदों को कम करने का आरोप
जींद निवासी रोहताश शर्मा ने बताया कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रशासनिक कार्यालय द्वारा जॉब सिक्योरिटी वाले कर्मचारियों का मौखिक हवाला देकर स्वीकृत पदों को कम दिखाया जा रहा है, जो कि नियमों के विरुद्ध है। इसके अलावा, फील्ड में मैनपावर की भारी कमी के कारण आए दिन दर्दनाक हादसे हो रहे हैं, जिनमें कई लाइनमैनों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। पिछले 3 वर्षों से दिन-रात तैयारी कर रहे लाखों युवा इस स्थिति से गंभीर मानसिक व आर्थिक पीड़ा झेल रहे हैं।
70 से ज्यादा एएलएम की हो चुकी मौत
साहिल ने बताया कि एचकेआरएन की पोस्ट को सैंक्शन पोस्ट में ला दिया गया है। बिजली विभाग में कर्मचारियों की बहुत कमी है, पिछले कुछ साल में 70 से ज्यादा एएलएम की दुर्घटनाओं में मौत हो चुकी है। यह एचकेआरएन के कर्मचारी हैं तो डायरेक्ट भर्ती हुए हैं, उन्हें पूरी तरह से जानकारी नहीं हैं जबकि हम सभी पढ़े-लिखे हैं।
असिस्टेंट लाइनमैन के 5335 पद खाली
राहुल जांगड़ा ने बताया कि युवाओं में बिजली निगमों की प्रशासनिक विसंगतियों को लेकर रोष है। उन्हें आरटीआई से पता चला है कि विभाग में पहले असिस्टेंट लाइनमैन के करीब 5335 स्वीकृत पद खाली थे। इसके बावजूद, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को केवल 456 पदों की ही बेहद छोटी डिमांड भेजी गई है। इसी कटौती और विसंगतियों को लेकर वह मंत्री के सामने अपनी बात रखने अंबाला, सोनीपत, जींद, पानीपत, कुरुक्षेत्र, रोहतक, यमुनानगर सहित विभिन्न जिलों से युवा आए थे।
आरटीआई का जवाब नहीं मिला सही
शाहबाद निवासी संजीव ने बताया कि चालक, परिचालक, एएलएम, तकनीशियन सहित विभिन्न पदों को एचकेआरएन में मर्ज न किया जाए, इन्हें अलग से निकाला जाए, सभी युवाओं ने सीईटी की परीक्षा दी हुई है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम में हमारी ओर से आरटीआई लगाई थी उत्तर हरियाणा का आज तक जवाब नहीं आया है। जबकि दक्षिण हरियाणा की ओर से आरटीआई का जवाब नहीं गलत मिला है।