संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सिविल सर्जन कार्यालय में बुधवार को पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत हुई बैठक की अध्यक्षता जिला समुचित प्राधिकारी की अध्यक्ष एवं सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अब बाल स्वास्थ्य (आरसीएच) आईडी और मॉव शिशु ट्रैकिंग प्रणाली (एमटीसीएस) नंबर के बिना किसी भी गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड नहीं किया जाएगा।
बैठक में जिले के पीसी-पीएनडीटी एक्ट के तहत रजिस्टर्ड अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालक/ऑपरेटर व प्राइवेट महिला चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हुए। सिविल सर्जन डॉ. रेनू ने सभी रजिस्टर्ड अल्ट्रासाउंड केंद्रों को निर्देश दिए गए कि वे सभी पीएनडीटी एक्ट का पालन करें। निर्देश दिए फार्म-एफ को सही प्रकार से भरना, अपने केंद्र के रिकॉर्ड का सही रख-रखाव, प्रत्येक माह की पांच तारीख तक अपने केंद्र की रिपोर्ट कार्यालय में भिजवाना व एमटीपी एक्ट का पालन जरूरी है।
डॉ. रेनू ने स्पष्ट किया कि अल्ट्रासाउंड से पहले गर्भवती महिला की (आरसीएच) आईडी या (एमटीसीएस) नंबर दर्ज करना जरूरी है। यह (आरसीएच) आईडी व (एमटीसीएस) नंबर गर्भवती महिला के संबंधित क्षेत्र की सरकारी संस्था से बनवाई जा सकती है।
उन्होंने कैथल आईएमए के प्रधान डाॅ. ललित जांगड़ा को निर्देश दिए कि अगर कोई गर्भवती महिला या उसके संबंधी भ्रूण लिंग की जांच के लिए रजिस्टर्ड अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालक/ऑपरेटर से संपर्क करते हैं तो उसकी सूचना सिविल सर्जन कैथल को दी जाए।
सिविल सर्जन ने बताया कि भ्रूण लिंग जांच करने वालों के खिलाफ सूचना देने व सूचना सही पाए जाने पर सरकार की हिदायतों के अनुसार एक लाख रुपये की नकद राशि गुप्त रूप से दी जाएगी तथा सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा
जाएगा। इसके लिए आमजन सिविल सर्जन कार्यालय के फोन नंबर 01746-232382 या डा. गौरव पुनिया, जिला नोडल अधिकारी (पीएनडीटी) के फोन नंबर 8930123430 पर संपर्क कर सकते है।
इसके अतिरिक्त बैठक में जिले के लिंग अनुपात में सुधार करने के लिए अपना सहयोग देने के बारे में भी कहा गया। साथ ही जिले की सभी
महिलाओं से अपील की कि गर्भवती होने के बाद क्षेत्र की एएनएम के पास जाकर अपना पंजीकरण जरूर करवाएं।
सिविल सर्जन ने कहा कि जब भी कोई गर्भवती महिला चेकअप के लिए किसी महिला चिकित्सक के पास जाए तो वह अपनी आरसीएच आईडी और एमसीपी कार्ड तथा अन्य आईडी कार्ड जैसे आधार कार्ड/पैन कार्ड इत्यादि साथ लेकर जाए ताकि उसे फौरन स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
इस अवसर पर उप-सिविल सर्जन (एनएचएम) कैथल डा. बलविंद्र गर्ग, नोडल अधिकारी (पीएनडीटी) कैथल डाॅ. गौरव पुनिया, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नवराज, प्रधान आईएमए कैथल डाॅ. ललित जांगड़ा व जिला कैथल के पीसी-पीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत रजिस्टर्ड अल्ट्रासाउंड केंद्रों के
संचालक/ऑपरेटर व प्राइवेट महिला चिकित्सा विशेषज्ञ मौजूद रहे।