कैथल। सरकार ने वर्ष 2023 में शहर की 22 अवैध काॅलोनियों को नियमित किया था। इस पर लोगों ने राहत की सांस ली कि अब उनके घरों पर बुलडोजर नहीं चलेंगे। वह नगर परिषद का हर टैक्स भी भर रहे हैं पर दो साल बीत जाने के बाद भी सीवरेज पाइप लाइन कागजों में ही दबी पड़ी है। इन 22 कालोनियों की करीब डेढ़ लाख की आबादी नियमित कालोनी में रहने के बाद भी अवैध कालोनियों से भी ज्यादा बदतर जीवन जीने को बाध्य हैं।
यहां के लोग मजबूरी में खाली प्लाटों में पानी छोड़ने को मजबूर हैं। इससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। जानकारी के अनुसार जन स्वास्थ्य विभाग ने अमरूत योजना के तहत 18 करोड़ रुपये के एस्टीमेट की फाइल स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजी पर अभी तक इसे मंजूरी नहीं मिली।
ऐसे में विभाग पिछले दो साल से एस्टीमेट बनाकर ही भेज रहा है। सीवरेज की व्यवस्था नहीं होने से यहां लोग गंदगी और बीमारी में बच्चों के साथ रहने को मजबूर हैं। इतने लंबे समय में सीवरेज व्यवस्था न होने से लोगों में रोष है। हालांकि नगर परिषद की ओर से यहां पर सुविधाएं उपलब्ध कराई हुई हैं। सड़कें- नाली आदि भी बनवा दी गई हैं।
ये कालोनी हुई थी नियमित : वार्ड-1 में अर्जुन नगर एक्टेंशन-1, वार्ड-20 में राधा स्वामी सत्संग भवन-2 के पास, वार्ड-20 में जीवन राइस मिल के पीछे, वार्ड-11 में डिफेंस कालोनी एक्सटेंशन-2, वार्ड-20 में ओशो पुरम एक्सटेंशन कालोनी, वार्ड-20 में ही ओशो पुरम कालोनी, वार्ड-19 में सच कैंटिन के पीछे, वार्ड-11 में अमरिसरिया डेरा, वार्ड-5 में हेरिटेज स्कूल के पास, वार्ड-11 में भगत सिंह कालोनी एक्सटेंशन फेज-2, वार्ड-11 में शुगर मिल कालोनी पार्ट-3 के सामने, वार्ड-11 में शहीद भगत सिंह कालोनी एक्सटेंशन, वार्ड-12 में शुगर मिल कालोनी पार्ट-2, वार्ड-13 जनकपुरी एक्सटेंशन-1, वार्ड-13 जनकपुरी एक्सटेंशन-3, वार्ड-12 आक्सफोर्ड स्कूल कालोनी, वार्ड-12 मायापुरी कालोनी एक्सटेंशन-1, वार्ड-12 में रणधीर कालोनी फेज-1, वार्ड-12 में कपिल नगर कालोनी पार्ट-2, वार्ड-12 कपिल नगर कालोनी, वार्ड-7 में पंत नगर, वार्ड-7 में पंत नगर पार्ट-2 शामिल हैं। इसके अलावा अभी करीब पांच माह पहले वार्ड-17 की देवीगढ़ कालोनी फेज-1 समेत 7 नियमित हुई हैं। संवाद
वार्ड-17 में खाली प्लाटों में छोड़े गए पानी से फैली गंदगी।