कैथल। आम आदमी पार्टी की ओर से किए गए आवेदन के बाद चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अनुमति देने की बजाय गलत भाषा प्रयोग करने के मामले में साइबर थाना की पुलिस ने मास्टरमाइंड के दो अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अब साइबर पुलिस ने एआरओ की आईडी का दुरुपयोग करने पर राधा स्वामी काॅलोनी कैथल निवासी आशीष कुमार व टयौंठा निवासी विशाल को गिरफ्तार किया है। वहीं, शनिवार देर रात को राधा स्वामी काॅलोनी कैथल निवासी जूनियर प्रोग्रामर शिवांग व प्रवीन को काबू किया था।
सोमवार को गिरफ्तार किए गए दो आरोपी को मामले के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर इंद्र सिंह की टीम ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के चुनाव आयोग की वेबसाइट पर गलत भाषा प्रयोग करने की योजना में शामिल होने की आशंका पर गिरफ्तार किया है।
यह है पूरा मामला
डीएसपी गुरविंद्र सिंह ने बताया कि एसडीएम कम एआरओ ब्रह्म प्रकाश कैथल ने शिकायत दी थी कि तीन अप्रैल को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जनसभा की अनुमति लेने के बारे में आवेदन मिले थे। उस पर किसी अज्ञात ने एआरओ की आईडी का दुरुपयोग करते आवेदन पत्रों को रद्द कर दिया व आपत्तिजनक टिप्पणी एक महिला की फोटो अपलोड कर दी। थाना साइबर में इस संबंध में केस दर्ज किया गया। मामले में अब तक चार आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इससे पहले रविवार को न्यायालय ने आरोपी शिवांग व प्रवीन को जमानत दे दी थी। जबकि सोमवार को गिरफ्तार किए आरोपी आशीष व विशाल को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। उनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन बरामद भी किए हैं।
दूसरे कर्मियों को फंसाने की थी मंशा
रविवार को डीएसपी उमेद सिंह ने प्रेसवार्ता कर पुलिस की ओर से की गई जांच के संदर्भ में बताया था कि गिरफ्तार किए जूनियर प्रोग्रामर शिवांग और प्रवीन की दूसरे कर्मियों को फंसाने की मंशा दी। यह दोनों आरोपी मामले में सीधा कहीं भी शामिल नहीं थे। आरोपियों ने तीन अप्रैल को कैथल में आयोजित एनकोर पोर्टल की प्रशिक्षण में शिवांग भी गुहला से आकर शामिल हुआ था। प्रशिक्षण के दौरान उसने धोखे से पोर्टल का पासवर्ड चोरी कर लिया था। इसके बाद घर पर बैठकर ही पासवर्ड का दुरुपयोग किया था। मामले में छह अप्रैल को हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी ने कैथल के सहायक निर्वाचन अधिकारी कम एसडीएम ब्रह्म प्रकाश को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया था।