कैथल। जिले में लगातार बढ़ रहा डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा है। अब जिले में डेंगू से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 36 हो चुकी है। मंगलवार को फिर से डेंगू के दो संक्रमित केस सामने आए हैं।
जिले में आए दिन बढ़ रहे संक्रमित केसों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता को बढ़ाया है। दूसरा मरीजों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह भी है कि जिला नागरिक अस्पताल में प्लेटलेट्स की कोई सुविधा नहीं है। ऐसी स्थिति में अधिक परेशानी संक्रमित मरीजों को होगी। वहीं, शहर में केवल दो ही निजी रक्त केंद्र हैं। जिनमें इस समय प्लेटलेट्स की सुविधा है। इस समय इन निजी रक्त केंद्रों में करीब 12 हजार रुपये में ही प्लेटलेट्स मिल रही है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का यह भी कहना है कि डेंगू से बचाव के लिए उनकी तरफ से उचित प्रबंध किए गए हैं।
इसके तहत जिले में शहरों सहित 279 गांवों में 544 टीमें लगातार बचाव का कार्य कर रही हैं। इन बचाव कार्याें के तहत एएनएम की टीमें लगातार कार्यरत हैं। शहर में फॉगिंग करवाई जा रही हैं। उप सिविल सर्जन डॉ. नीरज मंगला ने बताया कि मंगलवार को दो संक्रमित केस मिले हैं। अब कुल मरीजों की संख्या 36 हो गई है। उधर, जिला प्रशासन ने भी आमजन से डेंगू से बचाव के लिए सावधानियां बरतने की अपील की है। डीसी जगदीश शर्मा ने कहा कि घरों के कूलर आदि को नियमित रूप से साफ करते रहें।
डीसी ने कहा कि डेंगू के लक्षण एवं बचाव के बारे में जानकारी होना जरूरी है। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा डेंगू से बचाव लिए निरंतर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू का मच्छर दिन के समय में काटता और यह स्थिर एवं साफ पानी में पनपता है। तेज बुखार, बदन, सिर एवं जोड़ों में दर्द और आंखों के पीछे दर्द, त्वचा पर लाल धब्बे या चकत्ते का निशान, नाक- मसूड़ों से या उल्टी के साथ रक्त स्राव होना डेंगू के लक्षण हैं। इन लक्षणों के साथ यदि तेज बुखार हो तो तत्काल नागरिक अस्पताल जाएं और अपना इलाज करवाएं। बुखार होने पर तुरंत चिकित्सक के पास जाएं और अपना उपचार लें। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि वे प्रत्येक रविवार को ड्राई डे के रूप मनाएं और पानी के बर्तनों, कूलर, टंकी, फ्रीज ट्रे, गमले इत्यादि को खाली करके सुखाएं ताकि मच्छर के अंडे व लारवा मर जाए।