फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: छात्रा से ठगी में दो और गिरफ्तार

Sat, 09 May 2026 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


कैथल। छात्रा को उसके पिता का दोस्त बनकर झांसे में लेने और लाखों रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें गांव जयवंत जिला नूंह निवासी सापी और गांव जुरहेरा जिला डीग (राजस्थान) निवासी जितेंद्र शामिल हैं।

पुलिस प्रवक्ता प्रवीन ने बताया कि आरोपी जितेंद्र को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, वहीं आरोपी सापी को पूछताछ के लिए पुलिस ने दो दिन के रिमांड पर लिया है। मामले में पहले ही दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
विज्ञापन


पुलिस प्रवक्ता प्रवीन ने बताया कि देवीगढ़ रोड कैथल निवासी सिमरन ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसका यूनियन बैंक में खाता है। 26 अप्रैल को उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को उसके पिता परमजीत का दोस्त मनोज बताया।

आरोपी ने कहा कि उसके पिता ने उसे 90 हजार रुपये भेजने के लिए कहा है।

इस दौरान छात्रा ने आरोपी से गूगल पे के माध्यम से राशि भेजने को कहा। आरोपी ने भरोसा दिलाने के लिए 10 रुपये, 10 हजार रुपये और 20 हजार रुपये के फर्जी ट्रांजेक्शन मैसेज भेज दिए। इसके बाद उसने कहा कि गलती से 12 हजार रुपये की जगह 30 हजार रुपये ट्रांसफर हो गए हैं और अतिरिक्त 18 हजार रुपये वापस भेजने के लिए कहा।

आरोपी की बातों में आकर सिमरन ने 12,800 रुपये उसके बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब आगे ट्रांजैक्शन नहीं हो पाया, तो आरोपी ने आयुष्मान शिवहरे नाम से व्हाट्सएप नंबर के जरिए एक क्यूआर स्कैनर भेज दिया।

मामले में थाना साइबर क्राइम में केस दर्ज किया गया। पुलिस जांच के दौरान इससे पहले गांव मामलिका जिला मेवात निवासी मोहम्मद मकसूद और नसीम को मेवात के जंगलों से गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार ये दोनों आरोपी भी इस साइबर ठगी में शामिल थे।
विज्ञापन


अपने और मां के खाते से भेज दिए रुपये

छात्रा आरोपी के झांसे में आ गई और उसने अपने खाते से 27 हजार रुपये तथा अपनी मां के खाते से 48 हजार रुपये गूगल पे के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी ने एक और क्यूआर कोड भेजा, जिस पर 20 हजार रुपये और ट्रांसफर करवा लिए गए। बाद में जब सिमरन ने अपने और अपनी मां के बैंक खातों की शेष राशि जांची, तब उसे पता चला कि आरोपी ने कोई रकम भेजी ही नहीं थी। उसने केवल फर्जी मैसेज दिखाकर उसे भ्रमित किया था। इस तरह आरोपियों ने कुल 1 लाख 7 हजार 800 रुपये की ठगी कर ली।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें