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तालाब में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत

Tue, 01 Apr 2014 01:09 AM IST
अमर उजाला कैथ्ाल
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राजौंद। गांव कसान में तालाब में डूबने से दो बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के मुताबिक दोनों बच्चे रविवार दोपहर को घर से घूमने की बात कहकर गए थे। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर जब उन्होंने बच्चों की तलाश की तो सोमवार को उनके शव तालाब में मिले। ग्रामीणों ने दोनों बच्चों के शव निकाला। इस घटना के बाद गांव के किसी घर में चूल्हा नही जला।
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जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर 2 बजे कसान निवासी 9 वर्षीय अनिल व 11 वर्षीय भागल निवासी रोहित घर से घूमने की बात कहकर गए थे। देर शाम तक जब दोनों बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनोें ने बच्चों की खोज शुरू कर दी। परिजनों के साथ साथ ग्रामीणों ने भी बच्चों की खोज के लिए गांव में मुनियादी तक करवाई, लेकिन बच्चों का सुराग नही लगा। इसके बाद ग्रामीण व परिजनों ने बच्चों को आस पास के गांवों में भी देर रात तक तलाश किया। रात भर बच्चों की चिंता में परिजन व ग्रामीण जागते रहे। सोमवार सुबह गांव के ही कुछ युवक शौच के लिए गांव के बालू मार्ग पर स्थित तालाब के समीप से जा रहे थे, तो एक युवक को तालाब में बच्चे का शव दिखाई दिया। युवक ने इसकी सूचना बच्चों के परिजनों और ग्रामीणों को दी। सूचना पर परिजनों के अलावा ग्रामीणों का हजूम भी तालाब पर पहुंच गया। ग्रामीण बच्चे के शव को तालाब से बाहर निकालने तालाब में गए तो दूसरे बच्चों का शव भी तालाब से मिल गया। ग्रामीणों ने दोनाें बच्चों के शवाें को बाहर निकाला। बच्चों के शवाें को देखकर मौके पर मौजूद हर किसी की आंख से आंसू बहने लगे और परिजनों की दर्द भरी चीखो से माहौल गमगीन हो गया। गौरतलब है कि दो वर्ष पूर्व भी गांव के जाखौली मार्ग पर स्थित तालाब से डूबने से दो बच्चे मौत का शिकार हुए थे।
बाक्स
दादी के साथ घूमने के लिए आया था रोहित
राजौंद। 11 वर्षीय भागल निवासी रोहित अपनी दादी के साथ गांव कसान में 10 दिन पहले आया था। दादी भी अपने पोते को अपने माइके जिस खुशी के साथ लेकर आई थी। इस घटना से उसके मन पर बार बार एक ही बात आ रही थी कि वह अपने पोते रोहित को लेकर माइके आई ही क्यों थी। 55 वर्षीय अंग्रेजो को अपने पोते को खो देने का दुख बार-बार सता रहा था। इससे मानों उस पर दुखाें का पहाड़ आ गिरा ओर उसकी दुनिया ही उजड़ गई। रोहित अपने अपने तीन भाई बहनों में सबसे बड़ा था। जिस माता पिता ने अपने बेटे को खुशी खुशी दादी के साथ गांव कसान भेजा था। उनका रो रो कर बुरा हाल था। वहीं गांव कसान निवासी 9 वर्षीय अनिल दो भाईयाें में छोटा था और तीसरी कक्षा में पढ़ता था। अनिल की मौत से उसकी मां को बार बार सदमे के कारण बेहोशी आ रही थी। दोनाें परिवारों पर हुई इस अनहोनी घटना से मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो। सोमवार को पूरा दिन इस घटना की चर्चा हर गली चौराहे में होती रही। परिजनों को सांत्वना देने का तांता लगा रहा।
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