बैंक के एटीएम के सामने लोगों की सहायता करने के नाम पर उनके एटीएम का क्लोन तैयार कर धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए दो व्यक्तियों को काबू किया है। दोनों से पूछताछ के दौरान पुलिस ने नकली एटीएम बनाने के उपकरण सहित नकदी बरामद की है। पूछताछ के दौरान आरोपियों की ओर से जिले में 6 अन्य वारदातों को अंजाम देने के मामले सामने आए हैं।
एसपी लोकेंद्र सिंह ने कहा कि स्पेशल साइबर क्राइम यूनिट की ओर से एटीएम से जालसाजी पूर्वक नकदी हड़पने के मामले की जांच की जा रही थी। इस दौरान एक अप्रैल को गांव धमतान साहिब में दबिश देकर 31 वर्षीय आरोपी जोगिंद्र सिंह और 24 वर्षीय दीपक उर्फ प्रवीण को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले गांव सिसला निवासी बलवंत सिंह की शिकायत पर थाना पुंडरी में 22 जुलाई 2020 को दर्ज अभियोग के अनुसार उसके एसबीआई बैंक खाते से 7, 8 व 9 जुलाई 2020 को अज्ञात व्यक्ति द्वारा एटीएम की मार्फत कुल 62 हजार रुपये निकाल लिए गए। मामले को गंभीरता पूर्वक लेते हुए इसकी जांच स्पेशल साइबर क्राइम यूनिट कैथल पुलिस को सौंपी गई थी। जांच में पता चला कि उपरोक्त उपभोक्ता माह जुलाई 2020 के दौरान जींद रोड कैथल ब्रिज के नीचे बने बैंक आफ इंडिया के एटीएम से नकदी निकाल रहा था तो अज्ञात व्यक्तियों ने उसकी मदद करने के बहाने चोरी छिपे उसके एटीएम पिन की जानकारी हासिल कर ली। साथ ही एटीएम की एक छोटे डिवाइस के मार्फत क्लोनिंग कर ली गई। इसके बाद आरोपियों द्वारा नकली एटीएम तैयार करके 3 बार में उक्त नकदी निकाल ली गई। दोनों आरोपियों को 2 अप्रैल को न्यायालय से 5 अप्रैल तक 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया था। इस दौरान आरोपियों की निशानदेही पर उनके कब्जे से हड़पी गई 44 हजार रुपये नकदी, वारदात में प्रयुक्त कार्ड क्लोन डिवाइस तथा मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया। स्पेशल साइबर क्राइम यूनिट द्वारा आरोपियों से गहनता पूर्वक की गई व्यापक पूछताछ के दौरान कैथल क्षेत्र में इस प्रकार की आधा दर्जन अन्य वारदातों को अंजाम देना कबूला गया है, जिनमें थाना शहर क्षेत्र अंतर्गत की 3 वारदातें तथा थाना सिविल लाइन अंतर्गत क्षेत्र की भी 3 वारदातें शामिल हैं।
एसपी ने कहा कि विक्रम निवासी चंदाना गेट शिवनगर कैथल की शिकायत पर थाना शहर में दर्ज अभियोग अनुसार 18 जून 2020 को अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसके खाते से 12 हजार रुपये धोखाधड़ी पूर्वक निकाल लिए गए। जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा माह जून 2020 दौरान ग्यारह रुद्री मंदिर कैथल के सामने पीएनबी एटीएम से कैश निकाल रहे विक्रम की मदद के बहाने उसके एटीएम कार्ड की क्लोनिंग करके नकदी निकाल ली गई। इसके लिए दोनों आरोपियों का 5 अप्रैल को न्यायालय से दोबारा पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।
इस तरह से वारदात को देते थे अंजाम:-
आरोपी एटीएम केबिन में अनपढ़ व भोले लोगों को बातों में फंसाकर मदद करने के बहाने उनके एटीएम का पिनकोड देख लेते हैं तथा अपने हाथ में पकडे़ छोटे स्वाइप डिवाइस से कार्ड को स्वाइप करके उपभोक्ता के एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर लेते हैं। एटीएम का सारा डेटा उस स्वाइप डिवाइस में अपलोड हो जाता है तथा डिवाइस को मोबाइल फोन से कनेक्ट करके एमएसआर नाम की एप्लीकेशन की मार्फत स्वाइप किए हुए एटीएम कार्ड के डाटा से दूसरा क्लोन एटीएम कार्ड तैयार कर लेते हैं, जबकि उस एटीएम का पिनकोड आरोपी पहले ही जान चुके होते हैं।