सांसद नवीन जिंदल ने पूंडरी नगर पालिका क्षेत्र के विकास के लिए सरकार से 1,73,55,000 रुपये दिलाए हैं। इसमें से 59,63,890 रुपये पालिका को दिए जा चुके हैं। सरकार ने शेष 1,13,91,110 रुपये देने के आदेश जारी कर दिए हैं। जिंदल कार्यालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार शहरी विकास के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विशेष घोषणाएं की थीं। इसके तहत नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगम क्षेत्र के व्यवस्थित विकास का प्रावधान था ताकि कस्बे के नागरिकों का जीवन खुशहाल हो सके। सांसद के कार्यालय में निदेशक (विकास) निशांत बरनवाल ने इस सिलसिले में चंडीगढ़ पहुंचकर विशेष अनुरोध किया था।
इसके बाद 11 फरवरी 2014 को शहरी विकास एवं स्थानीय निकाय विभाग ने पूंडरी समेत हरियाणा के 52 शहरों के विकास के लिए करोड़ों रुपये जारी करने का प्रपत्र जारी कर दिया। राजीव गांधी शहरी विकास मिशन हरियाणा की घोषणा 10 मार्च, 2010 के बजट में की गई थी। इसके तहत शहरों और कस्बों के समान विकास के लक्ष्य के तहत 2500 करोड़ रुपये का प्रावधान पांच साल के लिए किया गया था और निजी क्षेत्र को भी प्रोत्साहित करने का मसौदा तैयार किया गया था। इसमें गरीबों और जरूरतमंदों के लिए आवास, स्वच्छ पेयजल, गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था, सीवरेज, ड्रेन और सफाई व्यवस्था के साथ-साथ अन्य बुनियादी सुविधाओं का प्रावधान किया गया था। पिछले पांच साल में इस योजना का लाभ अनेक शहरों को मिला है।
चेयरमैन ने जताया आभार
पूंडरी नगर पालिका के चेयरमैन महावीर सिंह ने 1,73 ,55,000 रुपये दिए जाने पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, शहरी विकास एवं स्थानीय निकाय मंत्री सावित्री जिंदल, कुरुक्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल और मुख्य संसदीय सचिव सुल्तान सिंह जड़ौला का आभार जताया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस सरकार पूंडरी के विकास के लिए अन्य जरूरी कदम भी उठाएगी।
कैथल, कलायत और चीका को भी फायदा
राजीव गांधी शहरी विकास मिशन का फायदा कैथल जिले के अन्य शहरों और कस्बों को भी मिला है। कैथल शहर को इस योजना के तहत 5 करोड़ 86 लाख रुपये दिए जा चुके हैं। इसी तरह चीका को दो करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। ताजा प्रपत्र के मुताबिक चीका को 27 लाख 77 हजार रुपये और मिलेंगे।
कलायत को भी मिलेगा अनुदान
इस योजना के तहत कलायत नगर पालिका को भी 1,65, 44,000 रुपये देने का आदेश जारी किया गया है। कलायत को पूंडरी की ही तरह इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। इन दोनों ही पालिकाओं को चालू वित्त वर्ष में इस योजना से कोई पैसा नहीं मिला था।