धान की फसल में दिखाई दे रहा हल्दी गांठ का प्रकोप। किसान
पूंडरी। पूंडरी क्षेत्र में धान की मोटी फसल में फाल्स स्मट यानी हल्दी गांठ रोग के लक्षण दिखाई देने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई खेतों में धान की बालियों पर पीले और नारंगी रंग के फफूंदनुमा गोले नजर आ रहे हैं। किसानों ने कृषि विभाग से प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर उचित सलाह देने की मांग की है। किसान सतीश राणा, रामगोपाल राणा, कंवरपाल राणा, प्रताप राणा टयोंठा, सुरेश खनौदा, शमशेर बरसाना, राजेंद्र ढुल पाई, वीरपाल धेरडू, साहब सिंह म्योली, प्रवीण कुकरेजा पूंडरी, सुखबीर खेड़ी मटरवा, हरपाल हाबड़ी और बगीचा सिंह ने बताया कि धान की बालियों में असामान्य रूप से फफूंद के गोले दिखाई दे रहे हैं। इससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
बारिश और अधिक नमी में बढ़ता है रोग
खंड कृषि अधिकारी डॉ. बलवान सिंह ने बताया कि फाल्स स्मट फफूंदजनित रोग है, जिसे हल्दी गांठ रोग भी कहा जाता है। इसमें धान के कुछ दाने पीले, नारंगी और बाद में हरे-काले रंग के फफूंदीय गोलों में बदल जाते हैं। फूल आने के समय बारिश, अधिक नमी, बादल छाए रहने और नाइट्रोजन की अधिक मात्रा से रोग बढ़ने की संभावना रहती है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि बालियां निकलने और फूल आने से पहले 500 ग्राम कॉपर ऑक्सीक्लोराइड को 200 लीटर पानी में मिलाकर फसल पर छिड़काव करें। साथ ही धान में यूरिया का अत्यधिक प्रयोग न करने की सलाह दी। किसानों से फसल में रोग के लक्षण दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञों से संपर्क करने का भी आह्वान किया गया।
धान की फसल में दिखाई दे रहा हल्दी गांठ का प्रकोप। किसान