फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रक मालिकों और आरटीए के खिलाफ चालकों ने किया प्रदर्शन्ा

विज्ञापन
विज्ञापन
ट्रक चालकों ने शनिवार को हनुमान वाटिका में आरटीए कार्यालयों व ट्रक मालिकों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए रोष जताया। चालकों ने कहा कि आरटीए कार्यालय द्वारा ओवरलोड के नाम पर ट्रक चालकों को परेशान किया जा रहा है। यदि उन्हें प्रताड़ित करना बंद नहीं किया गया तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिकायत करेंगे।
विज्ञापन

शनिवार को ट्रक चालक हनुमान वाटिका में एकत्रित हुए। जहां ट्रक चालकों ने कहा कि ट्रक मालिकों को कैथल, कुरुक्षेत्र व यमुनानगर सहित कई जिलों में ट्रक चालकों को अपनी रोजी रोटी चलानी मुश्किल हो गई है। जिन ट्रांसपोर्टर्स के दस से ज्यादा ट्रक हैं, उन्हें कोई परेशानी नहीं होती। उनके ओवरलोड ट्रकों को भी इंट्री दी जा रही है। कैथल, कुरुक्षेत्र व यमुनानगर कार्यालयों से आरटीए विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण इन ट्रकों की इंट्री हो जाती है। तीनों जिलों में रिश्वत का खुला खेल खेला जा रहा है। लेकिन जिन ट्रक मालिकों के पास एक या दो ट्रक हैं। उन्हें परेशान किया जा रहा है। क्योंकि ट्रक मालिक तो ओवरलोड ट्रक लाने को कहते हैं, लेकिन आरटीए की टीमें उन्हें तीनों जिलों में तंग करती हैं।
ट्रक चालकों को सोते हुए ढाबों से खड़ी गाड़ियों से उठाया जाता है। उनके लाइसेंस रद्द किए जा रहे हैं। जबकि उन्हें छोड़कर शेष गाड़ियों में ओवरलोड सामान की ढुलाई मिलीभगत के कारण हो रही है। जिले भर में ऐसे करीब 50 ट्रक चालकों ने अपनी गाड़ियां खड़ी कर दी हैं। वे अब ओवरलोड ट्रक नहीं चलाएंगे और न ही किसी आरटीओ को रिश्वत देंगे।
विज्ञापन

विरोध कर रहे चालकों में ट्रक ड्राइवर सतपाल सिंह, महेंद्र क्योड़क, सोनू कश्यप, लक्षमण रसूलपुर, सतपाल, सुरेश बाबालदाना, सलिंद्र प्योदा, रमेश खेड़ी, सलिंद्र कुराड़, विक्की, जसमेर गुलियाना, यशपाल यमुनानगर, रफला क्योडक़, राममेहर जाखौली, जोगिंद्र, विक्की लौहान सहित काफी संख्या में ट्रक चालक मौजूद थे।
आरटीए व ट्रक मालिकों के बीच पिसे चालक
चालकों ने कहा कि ट्रक मालिक ट्रक चालकों को कहते हैं कि ओवरलोड ट्रक चलाएं, उनकी आरटीओ के साथ सेटिंग हैं उन्हें कोई नहीं रोकेगा। लेकिन एकाध ट्रक मालिकों की पहचान करके आरटीए पकड़ लेते हैं और बड़े ट्रांसपोर्टर का मार्का देखकर उन्हें छोड़ा जाता है। जिनकी रिश्वत नहीं होती है, उन्हें पकड़ा जाता है। चालकों के साथ मारपीट की जाती है और फोन छीन लिए जाते हैं।
आरोप तो कोई भी लगा सकता है: एसडीएम
उधर, कैथल एसडीएम एवं आरटीओ जगदीप सिंह ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या ट्रक चालक के साथ कुछ गलत हो रहा है या फिर कोई रिश्वत की वसूली हो रही है। तो वह विजिलेंस में शिकायत कर सकता है। रही बात आरोप लगाने की तो कोई भी आरोप लगा सकता है। दस आदमी एकत्रित होकर कुछ भी आरोप लगा दें। ऐसी हर बात पर जवाबदेही क्यों?
ट्रक चालक आरटीए से करें बात: डीसी
डीसी डॉ. प्रियंका सोनी का कहना है कि इस संदर्भ में उन्होंने एसडीएम एवं आरटीए से बात की है। अगर किसी को भी किसी भी प्रकार की परेशानी है तो वह नियमानुसार ही आवाज उठाए। किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है। इस बारे में ट्रक ड्राइवरों को चाहिए कि वे आरटीए से बात करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें