संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। आधार और फैमिली आईडी में गलतियां ठीक करवाने के लिए आए ग्रामीणों को सिस्टम की तकनीकी खामियों के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद भी काम न होने पर दूर-दराज से आए लोग मायूस होकर लौट रहे हैं।
ग्रामीण शांति देवी, रामनिवास और सुरेंद्र कुमार का कहना था कि सरकार ने सुविधाओं को डिजिटल करने के लिए आधार और फैमिली आईडी को अनिवार्य कर दिया है, लेकिन इन दस्तावेजों में भरी गलतियां अब आमजन के लिए जी का जंजाल बन गई हैं।
कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच लोग सुबह 10 से 20 किलोमीटर का सफर तय कर शहर पहुंचते हैं। सिस्टम की कमियों के कारण घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है, जिससे समय, आर्थिक नुकसान और मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ रही है।
सबसे अधिक प्रभावित बुजुर्ग और बच्चे ः आधार कार्ड में जन्मतिथि अपडेट न होने से कई बुजुर्गों की पेंशन रुकी हुई है। वहीं, फैमिली आईडी में त्रुटियों के कारण पात्र लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। ग्रामीण रामकुमार, सतीश, विनोद और सुनीता ने बताया कि वे कई दिनों से कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। मंगलवार को भी तीन से चार घंटे कतार में लगने के बाद उनका नंबर आया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में संसाधन न होने के कारण उन्हें त्रुटियों को ठीक करवाने के लिए कलायत आना पड़ता है। उन्होंने मांग की है कि सरकार इस जटिल प्रक्रिया को सरल बनाए और गांव स्तर पर ही कैंप लगाकर गलतियों को सुधारने की व्यवस्था करे।