संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। साकरा से रसीना को जाने वाली सड़क निर्माण के कुछ समय बाद ही बदहाल हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह से बजरी उखड़ गई है और बड़े-बड़े गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे ग्रामीणों में संबंधित विभाग के खिलाफ रोष है।
सबसे ज्यादा खतरनाक स्थिति साकरा गांव के पास बने मोड़ पर है, जहां सड़क का एक हिस्सा बुरी तरह टूट चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि आंहू की ओर से आने वाले वाहन चालकों को यह टूटा हिस्सा दूर से दिखाई नहीं देता, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों के अनुसार तेज रफ्तार से आने वाले दोपहिया वाहन चालक अचानक गड्ढों में अनियंत्रित होकर गिर जाते हैं और चोटिल हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं करवाई गई तो बड़ा हादसा भी हो सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि जल्द ही गेहूं की कटाई का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में ट्रैक्टर-ट्रॉली व अन्य भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ेगी और टूटी सड़क के कारण गेहूं से भरी ट्राली पलटने का भी खतरा बना रहेगा।
घटिया निर्माण सामग्री लगाने का आरोप : ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार ने घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किया था। उस समय ग्रामीणों ने इसका विरोध भी किया था, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारियों ने उनकी शिकायत को नजरअंदाज कर दिया।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़क की जल्द मरम्मत करवाई जाए। पीडब्ल्यूडी विभाग के कार्यकारी अभियंता वरुण कंसल ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आज ही आया है। जल्द ही सड़क की मरम्मत करवा दी जाएगी ताकि ग्रामीणों और किसानों को परेशानी न हो।