जिले में किसान आंदोलन के समर्थन में जनसंगठनों ने मंगलवार को गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में शहर में तिरंगा रैली निकाली। जिसमें भारी संख्या में पैदल चल रही महिलाओं, बाइक सवार युवकों, ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार लोगों ने भाग लिया। हनुमान वाटिका में सभी एकत्रित हुए। जहां से तिरंगा बाइक रैली में शामिल होते हुए शहीद स्मारक तक मार्च निकाला गया।
किसानों के समर्थन में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, सीटू, रिटायर्ड कर्मचारी संघ, किसान सभा व अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के सांझे मंच खेती बचाओ, देश बचाओ संघर्ष समिति ने हनुमान वाटिका से शहीदी स्मारक तक तिरंगा रैली निकाली। इसकी अध्यक्षता संयुक्त रूप से जरनैल सिंह, नरेश रोहेड़ा व कामरेड महेन्द्र सिंह व संचालन जयप्रकाश शास्त्री व कामरेड प्रेमचंद ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति के जिला प्रधान सतपाल आनंद ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना पढ़कर संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा प्रकट की। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला सचिव रामपाल शर्मा, केंद्रीय कमेटी सदस्य शिवचरण, सीटू के जिला सचिव सत्यवान व राज्य सचिव शकुंतला शर्मा ने कहा कि तीनों कृषि कानून खेती और किसानों को पूरी तरह बर्बाद कर देंगे। किसान दिल्ली में ट्रैक्टर परेड निकाल रहा है तो जिला स्तर पर भी देश के अन्नदाता के साथ एकजुटता प्रकट करते हुए इस तिरंगा रैली का आयोजन किया गया है। रैली हनुमान वाटिका से चलकर पिहोवा चौक से होते हुए शहीद स्मारक पर संपन्न हुई। शकुंतला शर्मा ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार सार्वजनिक सेवाओं शिक्षा, स्वास्थ्य, जनस्वास्थ्य, बिजली व परिवहन समेत सभी का निजीकरण कर रही है। इस अवसर पर सर्व कर्मचारी संघ के जिला उपप्रधान छज्जू राम व ईश्वती, जिला ऑडिटर सावित्री देवी, स्वराज सिंह, रामकुमार शर्मा, रिटायर्ड कर्मचारियों के नेता अशोक शर्मा, धूप सिंह सिरोही, ईश्वर सिरोही, ओमप्रकाश करोड़ा व रामशरण, जनवादी महिला समिति की राज्य उपप्रधान रामकली जांगड़ा, जनसंघर्ष मंच के राज्य संयोजक कामरेड फूल सिंह, सफाई कर्मचारी संघ के राज्य उपमहासचिव बसाऊ राम, बीरभान, सतपाल क्योड़क, नरेश चंदाना व भीम, नगरपालिका से विक्की टाँक, बिट्टू बहोत, जगदीश कुमार, राजेंद्र टांक, सीमा व महेन्द्रो, मनोज कुमार, जयप्रकाश टीक, सुल्तान व सुभाष,सुरेश शर्मा, अमरदीप बनवाला व सुरेंद्र, शमशेर कालिया, सरदूल सिंह, रामफल दोहरा, विक्रम राही, बलिंद्र गोयत, सुरेश द्रविड़ व संदीप गिल, प्रकाश मौजूद रहे। इस अवसर पर भारी संख्या में पुलिस कर्मचारियों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था।
26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली परेड में जिले से हजारों की संख्या ट्रैक्टरों शामिल हुए। परेड होने के बाद से ही किसान लौटने लगे हैं। जिले से लगभग 10 हजार ट्रैक्टर परेड में शामिल हुए हैं। भाकियू के जिला अध्यक्ष होशियार सिंह गिल ने बताया कि परेड समापन होते ही किसान वापस धरना स्थल पर पहुंच गए हैं। लगभग चार हजार के करीब ट्रैक्टर वापस आ रहे हैं। भाकियू के जिला युवा अध्यक्ष विरेंद्र कुमार ने बताया कि सरकार को किसानों ने अपनी ताकत दिखाई है। लेकिन किसानों की आड़ में कुछ शरारती तत्वों ने किसानों को बदनाम करवाने की साजिश रची है। लेकिन किसान तब तक वापस नहीं हटेंगे जब तक कृषि कानून बिल वापस नहीं होता। किसान नेता सुभाष बड़सीकरी ने कहा कि किसान तब तक वापस नहीं होते जब तक सरकार कृषि कानून वापस नहीं लेती। वह दिल्ली धरने पर ही डटे हैं।