संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती पर आर्य समाज मंदिर कमेटी चौक और डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन किया।
आर्य समाज मंदिर के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रमुख समाजसेवी पाला राम सैनी ने शिरकत की। यहां उन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती की प्रतिमा के आगे पुष्प अर्पित करके उनके विचारों पर चलने का आह्वान किया। यहां स्वामी दयानंद सरस्वती के जन्मोत्सव पर रेडक्रास सोसायटी के सहयोग से रक्तदान शिविर लगाया। इसमें पाला राम सैनी ने रक्तदाताओं को बैज लगाकर शिविर का शुभारंभ किया। पाला राम सैनी ने कहा ने आर्य समाज मंदिर के निर्माण के लिए एक लाख एक हजार रुपये देने की घोषणा की।
कार्यक्रम के समापन पर पाला राम सैनी को स्वामी दयानंद सरस्वती की प्रतिमा देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर आर्य समाज मंदिर के प्रधान पवन आर्य, आर्य वीर दल के प्रधान संजय सेतिया, देव खरबंदा, प्रचार मंत्री धर्मवीर आर्य, जितेंद्र, प्रदर्शन परुथी, सुभाष कथूरिया, राकेश टंडन, संदीप मलिक, सुषम कपूर, विजय टंडन व सुरेंद्र कत्याल मौजूद थे।
हवन कर मनाई जयंती ः डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल में युग पुरुष और आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती के 200वें जयंती उत्सव पर वैदिक हवन का आयोजन किया। यज्ञ का शुभारंभ प्रधानाचार्या अंजु गंभीर की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।
इस दौरान विद्यार्थियों ने किए गए उदात्त वैदिक मंत्रोच्चार से विद्यालय प्रांगण गुंजायमान हो गया। प्राचार्या अंजू गंभीर ने सभी विद्यार्थियों को ऋषि दयानंद के प्रकटोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मानवता के लिए समर्पित कर दिया था। उनके जन्म स्थान टंकारा (गुजरात) में भी उनकी जयंती के उपलक्ष्य में देशव्यापी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
संन्यास ग्रहण करते ही गुरु दक्षिणा के रूप में उन्होंने भारतीयों को सामाजिक कुरीतियों और मानसिक तथा राजनीतिक दक्षता से मुक्त करने का अभियान शुरू कर दिया था। गुलामी के गहन अंधकार में भटकते भारत देश को जगा कर उन्होंने स्वराज्य का नारा बुलंद किया था। उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद भारत के साथ साथ पूरे विश्व का कल्याण चाहते थे। उन्होंने आत्मिक रूप से त्रस्त लोगों के अंदर स्वाभिमान और स्वतंत्रता की अखंड ज्योति को प्रज्वलित किया था। हम सबको उनके दूरदर्शितापूर्ण स्वप्न को साकार करने के लिए कृतसंकल्प होना चाहिए।